एसटी चालक को जिलाधिकारी की गाड़ी के चालक के समान वेतन मिलना चाहिए: राज्य मंत्री बच्चू कडू

    अकोला. हम राज्य में एसटी कर्मियों की हड़ताल का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन निश्चित रूप से उन कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति है, एसटी कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान वेतन मिलना चाहिए. राज्य मंत्री बच्चू कडू ने कहा है कि एसटी चालक को जिलाधिकारी की गाड़ी के चालक के समान वेतन मिलना चाहिए. राज्य में एसटी कर्मियों की हड़ताल की शुरुआत के बाद से इसमें प्रहार जनशक्ति पार्टी की क्या भूमिका है? इस तरह के सवाल पूछे जाने के बाद, प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष तथा राज्य मंत्री बच्चू कडू ने हड़ताल और मांगों के संदर्भ में प्रहार की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया. 

    पालकमंत्री बच्चू कडू ने कहा कि मैं जानता हूं कि महाराष्ट्र की जीवन रेखा माने जाने वाले एसटी और उस पर काम करने वाले काफी कर्मचारियों की पिछले कई सालों से उपेक्षा की जा रही है. लेकिन एसटी के विलय की मांग अवास्तविक है, कुछ संशोधन कर राज्य परिवहन निगम को और अधिक कुशल बनाया जा सकता है, इन कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन के बराबर कैसे लाया जा सकता है, इसकी योजना बनाना संभव है.

    राज्य मंत्री बच्चू कडू ने एसटी कर्मचारियों से इन विकल्पों पर विचार करने की अपील की. क्या प्रहार हड़ताल का समर्थन करता हैं? ऐसा पूछने पर उन्होंने कहा कि, नहीं, मैं महाविकास अघाड़ी सरकार का हिस्सा हूं और हड़ताल सरकार के खिलाफ है, मैं उसका समर्थन कैसे कर सकता हूं? लेकिन मैं एसटी कर्मियों का दर्द समझ सकता हूं, मुझे उनसे सहानुभूति है. कडू ने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि एसटी ड्राइवरों और वाहकों की मांगों को उचित तरीके से पूरा करके उनके जीवन स्तर को कैसे सुगम बनाया जा सकता है. 

    सैकड़ों जिंदगियां जिनके हाथ में उनकी तनख्वाह बढ़नी चाहिए!

    बच्चू कडू ने यह भी कहा कि उनकी असली मांग सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन पाने की है. एक सरकारी अधिकारी का चालक एसी में बैठे एक साहब को ले जाता है जबकि एसटी चालक सैकड़ों लोगों को तेज धूप में सुरक्षित रूप से ले जाता है, इसलिए वेतन में वृद्धि की जानी चाहिए. हड़ताल का समर्थन करने वाले पोस्ट सोशल मीडिया पर घूमा रहे हैं, जो हास्यास्पद है. हड़ताल का समर्थन नहीं, यह बयान प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रदेश महासचिव पुरुषोत्तम अवारे ने दिया है.