Market Parvana incurs loss of 2.50 crores, losses in Corona

    अमरावती. विगत् 7 महीने से मनपा का टैक्स विभाग शहर के 3 हजार से अधिक टैक्स पेअरों की एन्ट्री तक नहीं कर पाया है. जिससे महानगर पालिका के टैक्स बाबू की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह उपस्थित हो गए है. किस टैक्स पेअर का कितना टैक्स भरा गया, उसका कितना जुर्माना माफ हुआ. इसकी अपडेट जानकारी तक मनपा के टैक्स वसूली विभाग के पास नहीं है.

    जिससे मनपा का टैक्स वसूली विभाग कितनी ईमानदारी से काम कर रहा है. इसके पुख्ता प्रमाण मिल गए है. मनपा उपायुक्त सुरेश पाटिल ने भी इस पर नाराजी जताई है. जिसके बाद सिस्टिम मैनेजर के माध्यम से जल्द से जल्द संबंधित सभी एन्ट्रियां दाखिल कराने की प्रकिया शुरू किए जाने की जानकारी प्रशासन ने दी है. मनपा के टैक्स विभाग की गलतियों मनपा प्रशासन भी नकार नहीं पा रहा है.  

    पैसे भरने के बाद भी थमाए नोटिस

    कोरोना संक्रमण के चलते विगत डेढ़ वर्ष से सब कुछ ठप था. जिसका सीधा असर लोगों की आर्थिक स्थिति पर हुआ. ऐसे में संपत्ति धारक बकाया टैक्स कैसे भरेंगे, यह सवाल उपस्थित हुआ. जिस पर शहरवासियों की परेशानी का ख्याल रखते हुए महापौर की पहल तथा आमसभा में हुई चर्चा के बाद बकायेदारों को बकाया टैक्स के जुर्माने पर 80 फीसद माफी का सराहनीय निर्णय लिया गया.

    इस निर्णय का स्वागत कर 3 हजार से अधिक संपत्ति धारकों ने 80 फीसद जुर्माना माफी योजना का लाभ लिया. जिसका मनपा को भी लाभ हुआ और अधिक टैक्स वसूली हो पाई. लेकिन जिन 3 हजार से अधिक लोगों ने टैक्स अभय योजना का लाभ लेकर अपना बकाया संपत्ति कर भरा है, उन्हें दुबारा भारी भरकम टैक्स वसूली की नोटिस टैक्स विभाग ने जारी की है. जिससे संबंधित टैक्स पेअरों द्वारा मनपा की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त किया जा रहा है.

    गलती सुधारेंगे

    मनपा के साफ्टवेयर में 80 फीसद जुर्माना माफी का प्रावधान ही नहीं था. मनपा के टैक्स बाबूओं ने भी वसूल टैक्स की जानकारी गलत फार्मेट में आधी-अधूरी दी है, लेकिन अब मैनुअल पध्दति से टैक्स पेअरों की जानकारी दर्ज कर गलती सुधारी जाएंगी. अब नया साफ्टवेयर आया है. जिससे किसी गलती की भी गुंजाईश नहीं रहेंगी. -सुरेश पाटिल, उपायुक्त मनपा.