Some cities still need rain in the district, water storage reduced

    चिखलदरा: शहर में पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति नहीं होने से हाहाकार मचा हुआ है. आम लोगों को पिने के पानी के लिए भी दर दर भटकना पड़ रहा है, जिसके लिए जीवन प्राधिकरण की लापरवाही बताई जा रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुरुवार की शाम सड़क निर्माण के चलते मुख्य पाइप लाईन क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसकी मरम्मत दो दिनों तक नहीं की गई. जिस कारण पर्यटन नगरी में रविवार तक जलापूर्ति सुचारू नहीं की गयी. जिससे जीवन प्राधिकरण प्रशासन की उदासीनता सामने आ रही है.

    जीवन प्राधिकरण पर धमके नागरिक

    लगातार तीन दिनों से परेशान नागरिक रविवार की सुबह पालिका उपाध्यक्ष शे. अब्दुल के मार्गदर्शन में जीवन प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे. जहां कोई चौकीदार तक उपस्तिथ नहीं था. परिसर में शराब की बोतलें और गंदगी पायी गयी.  सैकड़ो नागरिकों की उपस्तिथि में अभियंता विजय शेंडे से मोबाइल पर संपर्क किया गया. लेकिन शेंडे के गैर जिम्मेदार जवाब से नागरिकों का समाधान नहीं हुआ. 

    जिलाधिकारी को पत्र

    पालिका उपाध्यक्ष ने इस पुरे सिस्टम को सुधारने की मांग की है. साथ ही यहां कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भी जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. उल्लेखनीय है कि चिखलदरा जीवन प्राधिकरण में कोई अधिकारी नियुक्त ही नहीं है. यहां के कनिष्ठ अभियंता के तबादले के बाद यहां किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गयी है. यहां का कारभार डिप्टी अभियंता विजय शेंडे संभाल रहे है. जिनके द्वारा मनमाना काम चलाया जा रहा है, तीन दिनों से जलापूर्ति नहीं होने के बाद भी कोई अधिकारी यहां हाजिर नहीं हुआ और फोन बंद करके अपने घरों में आराम फरमाते रहे है.

    कार्रवाई के लिए प्रयासरत

    चिखलदरा शहर के लिए जीवन प्राधिकरण का यह रवैया जीवनावश्यक सेवा को कलंकित करनेवाला है. साथ ही इस विभाग के अधिकारी यहां केवल मौज मस्ती के लिए आते है. जिनका अपने काम पर कोई ध्यान नहीं है. जानकारी है कि अभियंता शेंडे यहां काम करने वाले ठेकेदारों के साथ ही यहां आते है. यहां के पानी का प्रश्न राम भरोसे छोड़ दिया गया है. ऐसे अधिकारीयों कठोर कार्रवाई के लिए हम प्रयासरत है.-शे. अब्दुल शे हैदर, उपाध्यक्ष, नगरपालिका चिखलदरा