औरंगाबाद के नामांतरण का कोई प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा: विभागीय आयुक्त

औरंगाबाद. जैसे जैसे मनपा चुनाव (Municipal election) होने के आसार करीब  दिखाए दे रहे हैं, वैसे वैसे राजनीतिक दलों द्वारा औरंगाबाद (Aurangabad) का नाम संभाजीनगर (Sambhajinagar) करने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है।

इसी बयानबाजी के बीच एक टीवी न्यूज चैनल ने विभागीय आयुक्त द्वारा औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर का प्रस्ताव सरकार को भेजे जाने की खबर दिखायी। इस खबर से फिर एक बार राजनीतिक सरगर्मियां तेज हुईं। इस खबर के बाद विभागीय प्रशासन ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि नामांतरण का कोई भी प्रस्ताव विभागीय प्रशासन द्वारा सरकार को नहीं भेजा गया।

विभागीय प्रशासन ने बताया कि राज्य सरकार ने कुछ जानकारी प्रशासन की ओर से मार्च 2020 में मंगायी थी। इसमें सरकार ने स्पष्ट किया था कि औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर करने के बारे में वर्तमान स्थिति क्या है?। नई  सरकार ने कोई जानकारी नहीं मांगी है। शहर का नामांतरण करने को लेकर न्यायालय में दायर याचिका क्रमांक 5565/1995 की क्या स्थिति है। रेलवे का कौन सा विभाग इस क्षेत्र के लिए है।

केन्द्रीय पोस्ट विभाग की भूमिका कैसी है? हवाई अडडा प्राधिकरण की एनओसी है क्या? मनपा का प्रस्ताव सहित अन्य विभाग के एनओसी के बारे में जानकारी सरकार ने विभागीय प्रशासन से मार्च 2020 में मंगायी थी। उक्त जानकारी तत्कालीन जिलाधिकारी उदय चौधरी के काल में मांगी गयी थी। चौधरी प्रशिक्षण के लिए विदेश में होने के चलते तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भास्कर पालवे ने यह जानकारी विभागीय प्रशासन को दी थी। विभागीय प्रशासन ने उक्त जानकारी सरकार को भेजी। जिलाधिकारी कार्यालय  से मिली जानकारी ही सरकार को मार्च 2020 में भेजी गयी थी। उसमें नए कोई भी टिप्पणी विभागीय आयुक्त सुनील केन्द्रेकर ने नहीं की।