भाजपा के 5 बागियों की बैसाखी लेकर कांग्रेस सत्ता में

    • हमने भाजपा से नहीं, चरण समर्थकों से किया गठबंधन : नाना पटोले
    • वाघमारे 6 साल के लिए भाजपा से निष्कासित : बावनकुले
    • मैने बदला लिया : वाघमारे

    भंडारा. पूर्व विधायक चरण वाघमारे के भाजपा से नाराज होने की अटकलों के बीच चरण समर्थक जिप सदस्यों की सहायता से कांग्रेस के सत्ता में आने की अटकलें 6 मई से व्यक्त की जा रही है. यद्यपि सोमवार रात्रि में नागपुर में हुई बैठक में चरण वाघमारे का मनमुटाव खत्म होने का दावा किया था. लेकिन जिस बात को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही थी. उसके मुताबिक मंगलवार को कांग्रेस ने भाजपा के 5 बागी सदस्यों की सहायता भंडारा जिला परिषद में  सत्ता हासिल की. अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के गंगाधर जिभकाटे एवं उपाध्यक्ष पद पर चरण वाघमारे के बेहद करीबी संदीप ताले को मौका मिला. इन दोनों के लिए वे चुनाव में विजेता को 27 एवं विरोधी प्रत्याशी को 25 वोट मिले.

    इसके पूर्व जब सदन की कार्रवाई प्रारंभ हुई. जिप अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के गंगाधर जिभकाटे एवं राकां की ओर से अविनाश ब्राह्मणकर ने नामांकन भरा. जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के बागी प्रत्याशी संदीप ताले ने फार्म भरा. वहीं विरोध में भाजपा की ही माहेश्वरी नेवारे एवं प्रियंक बोरकर ने फार्म भरा.

    अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के गंगाधर जिभकाटे एवं राकां के अविनाश ब्राह्मणकर के बीच मुकाबला हुआ. जिसमें जिभकाटे को 27 एवं ब्राह्मणकर को 25 वोट मिले. वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा के बागी प्रत्याशी संदीप ताले को 27 एवं भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी प्रियंक बोरकर के बीच मुकाबला हुआ. जबकि माहेश्वरी नेवारे ने फार्म वापस लिया. इस अवसर पर चुनाव के लिए पीठासीन  अधिकारी के तौर पर जिलाधिकारी संदीप कदम, उपजिलाधिकारी महेश पाटिल, जिप सीईओ वनय मून, अतिरिक्त मुख्य कार्य. अधिकारी प्रदीप चौधरी, जिप उप मुख्य कार्य. अधिकारी प्रशासन पानझाडे एवं अन्य उपस्थित थे. 

    चुनाव अधिकारी तथा जिलाधिकारी संदीप कदम द्वारा परिणाम की घोषणा के बाद जितनेवाले कांग्रेसी एवं बागी भाजपा सदस्यों ने जम कर जश्न मनाया. जबकि राकां एवं भाजपा के सदस्य मायूस चेहरों के साथ सदन के बाहर लौटे.

    मंगलसूत्र तक पहुंचे हाथ : सभी ने की निंदा

    जिप सदन में ऐसे मौके पर शब्दबाण एवं आलोचना स्वाभाविक है. लेकिन जिप सदन की प्रतिष्ठा उस समय तार तार हो गयी. जबकि हाथ एक महिला के मंगलसूत्र तक पहुंच गए. भाजपा जिप सदस्य माहेश्वरी नेवारे ने आरोप लगाया कि जब भाजपा जिप सदस्य विनोद बांते एवं गणेश निरगुडे एवं प्रियंक बोरकर आदि व्हिप लेकर आ रहे थे. कांग्रेसियों ने हमला किया. जिसमें माहेश्वरी का मंगलसूत्र टूटा. इस घटना की निंदा करते हुए भाजपा सदस्यों ने कहा कि  कांग्रेसियों को हिंदू संस्कृति एवं उसके प्रतीकों से नफरत है. जिससे चलते कांग्रेसियों के हाथ ने मंगलसूत्र तोड़ने की हिम्मत की.

    मुरझाए चेहरों से निकले राकां एवं भाजपा के सदस्य

    राकां एवं भाजपा के जिप सदस्यों को सदन की कार्रवाई होने के पूर्व ही ध्यान में आ गया था कि जिप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में उनकी पार्टी का सत्ता में आना नामुमकिन है. जब सभी सदस्य यह सदन की कार्रवाई में शामिल होने के लिए पहुंचे. तभी से उनके चेहरे की खुशी गायब हो चुकी थी.  जब सदन की कार्रवाई पूरी हुई एवं सभी बाहर निकले. राकां एवं भाजपा के जिप सदस्यों के चेहरे की मायूसी साफ झलक रही थी. राका सदस्यों ने बताया कि  हाईकमान की रणनीति कमजोर पड़ी एवं जिले की स्थिति को समझने में नाकाम रहे.

    पुलिस की हाई लेवल व्यवस्था

    भंडारा जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर जो अटकलें चल रही थी. उससे क्या स्थिति उभर सकती है‍‍‍? इसकी जानकारी पुलिस को भली भांति रूप से थी. 2 लेन हाईवे पर जिप भवन स्थित होने से कार्यकर्ताओं के हुजूम पर नियंत्रण रखते हुए यातायात को सुचारू रूप से जारी रखना बड़ी चुनौती थी. इसलिए चुनाव की पूर्व संध्या पर एसपी वसंत जाधव एवं एएसपी अनिकेत भारती ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.

    मंगलवार को सुबह तड़के से ही पूरे जिप परिसर को पुलिस ने अपने नियंत्रण में लिया.  चुनाव में व्यवधान उत्पन्न न हो ना, इसके लिए जिप प्रांगण को दो हिस्से में बांट दिया. जिप सदनवाले हिस्से में सिर्फ और सिर्फ चुनाव कार्रवाई से जुड़े अधिकारी कर्मचारी एवं निर्वाचित जिप सदस्यों को ही प्रवेश की इजाजत दी गई. मुख्य द्वार पर जिप सदस्य के पहचान पत्रों की गई. मिलान किया गया. इसके बाद में ही भीतर में प्रवेश दिया गया.

    बस से आए कांग्रेसी एवं बागी भाजपा सदस्य

    जिप सदन के बाहर सबसे ज्यादा कौतूहल इस बात को लेकर हुआ कि कांग्रेसी एवं भाजपा के छह सदस्यों की एंट्री किस तरह होगी. जिस समय ट्रेवल बस जिप के सामने आकर रूकी.  बस के आगे और पीछे गाड़ियों की कतार लगी हुई थी. पुलिस सुरक्षा भी बस के साथ चल रही थी.  कांग्रेस एवं भाजपा के बाकी सदस्यों पर कोई हमले की स्थिति की संभावना के चलते उन्हे पूरी सुरक्षा प्रदान करते हुए सदन तक पहुंचाया गया.

    मैने बदला लिया : चरण वाघमारे

    भाजपा के पूर्व विधायक चरण वाघमारे ने चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने के निर्णय का बचाव किया. उन्होने कहा कि भाजपा ने राकां से गठजोड के बारे में अवगत नहीं कराया. तुमसर में कांग्रेस का साथ मिला, इसलिए भाजपा का सभापति बना. विधायक डा. परिणय फुके ने उनका कद छोटा करने षड्यंत्र किया. वाघमारे ने घोषणा कि जिसने मेरे राजनीति के टुकड़े किया है. उसके नसीब के टुकड़े मुझे करना है.  चरण वाघमारे ने कहा कि महाविकास आघाडी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.

    इसलिए हम विरोधी बेंच पर ही बैठे एवं राकां के साथ सत्ता न बनाएं. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने पहली बार सोमवार को नागपुर में बैठक ली.  वाघमारे ने कहा कि अगर पार्टी कार्रवाई करना चाहती है तो उन्हें सबसे पहले ऐसे नेता पर कार्रवाई करनी चाहिए, जिसकी वजह से मोहाडी एवं तुमसर के तुमसर में भाजपा के समक्ष संकट खड़ा हुआ. वाघमारे ने कहा कि उन्हे कांग्रेस को समर्थन के बदले में विधायक पद का कोई ऑफर नहीं मिला है.

    वाघमारे हुए निष्कासित : बावनकुले

    पूर्व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले यह आनन फानन में भंडारा पहुंचे एवं उन्होंने चुनाव पूर्व घटनाक्रम बताया कि कैसे वाघमारे को मनाने की कोशिश हुई. बावनकुले ने कहा कि वाघमारे मान गए थे. लेकिन मंगलवार को उनके तेवर अचानक बदल गए. चरण वाघमारे की पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए प्रदेशाध्यक्ष द्वारा 6 साल के लिए निष्कासित किया जा रहा है. बावनकुले ने बताया विधानसभा में पार्टी के विरोध में चुनाव लडने के बाद भी उन्हे फिर से पार्टी में जगह दी गयी. काम की स्वतंत्रता दी गयी. लेकिन वाघमारे ने भाजपा द्वारा जताए गए विश्वास पर पानी फेर दिया.

    बागियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

    बावनकुले ने बताया कि जिन्होने जिप सदन में पार्टी वीप को उल्लंघन किया है. उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. माहेश्वरी नेवारे का मंगलसूत्र तोड़ने एवं उनके सदस्यों के साथ हाथापाई करने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गयी है.

    बावनकुले ने संभाला जिम्मा

    चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया तुमसर शहर एवं ग्रामीण व मोहाडी तहसील इकाई कार्यकारिणी को बर्खास्त किया गया है. बावनकुले एवं पार्टी नेता संजय भेंडे भंडारा जिले में काम करेंगे एवं संगठन को मजबूत करेंगे.

    हमारा गठबंधन चरण के कार्यकर्ताओं के साथ : पटोले

    जिप में कांग्रेस के नेतृत्व में सत्ता स्थापित होने के पश्चात प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले जिप भवन में पहुंचे. उन्होने नवनिर्वाचित जिप अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को बधाई दी एवं चरण वाघमारे के साथ में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस ली. नाना पटोले ने बताया कि वे भाजपा के नीतियों के विरोधी रहे है. जिप में उनका गठबंधन यह भाजपा के साथ नहीं है. बल्कि चरण वाघमारे के कार्यकर्ताओं के साथ है.

    होगी समीक्षा

    महाआघाडी के घटक दल राकां के साथ स्वाभाविक गठबंधन होने की सूरत में सभी जिले में इस संबंध में समीक्षा करने की बात उन्होंने कही. उन्होने विश्वास व्यक्त किया कि भंडारा जिले के ग्रामीण विकास के लिए नवनिर्वाचित पदाधिकारी शानदार काम करेंगे.

    बंडू सावरबांधे का बालहठ

    कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन पंचभाई ने कांग्रेस एवं चरण वाघमारे के बीच सेतु का काम किया एवं गठबंधन को आकार दिया था. उनके नेतृत्व में भी जिप चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में कांग्रेस उभरी. इसके बाद से चर्चा थी कि कांग्रेस की ओर से मोहन पंचभाई जिप अध्यक्ष के प्रत्याशी होंगे. लेकिन जब कांग्रेस का सत्ता में आना निश्चित हो गया. पूर्व मंत्री बंडू सावरबांधे ने अपने रिश्तेदार गंगाधर जिभकाटे के नाम का हठ किया. अंतत: कांग्रेस को सावरबांधे के हठ के आगे झुकना पडा. बताया जाता है कि श्रेष्ठी के निर्णय से नाराज कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन पंचभाई चुनाव होने के तुरंत बाद सदन छोड कर चले गए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाम प्रकाशित न करने शर्त पर प्रतिक्रिया दी कि कांग्रेस में परिवारवाद बढ़ रहा है. अगर ऐसा रहा तो सामान्य कार्यकर्ताओं को कोई अवसर नहीं मिलेंगे.

    52 सदस्यीय भंडारा जिप सदन में कांग्रेस के पास में 21 सदस्य थे. बागी भाजपा के 5 एवं 1 निर्दलीय के समर्थन से कांग्रेस ने बहुमत के लिए 27 का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया.