Jail warden in America accused of sexual abuse of female prisoner, two other women said - took nude photos
प्रतीकात्मक तस्वीर

    लाखांदूर. पांत दिन तहसील के मुर्झा खेत क्षेत्र में बिजली का करेंट लगने से नीलगाय के शिकार किए जाने की घटना सामने आयी थी. इस घटना में स्थानीय वन विभाग की ओर से मामला दर्ज कर जांच एवं कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इस बीच घटना में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट ने 3 दिन की कस्टडी दी थी, इसके तहत 12 नवंबर को दोनों आरोपियों को कोर्ट में लाने के बाद कोर्ट द्वारा दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत की सजा मुकर्रर करते हुए भंडारा जेल में भेज में भेजा गया.

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 7 नवंबर को सुबह 8:30 बजे तहसील के मुर्झा निवासी वसंता ठलाल नामक किसान के खेत में नीलगाय का शिकार होने की गुप्त जानकारी वन विभाग को दी गई थी, जिसके अनुसार वन विभाग द्वारा घटना स्थल पहुंचकर लगभग 100 से 110किलो नीलगाय का मांस जप्त किया गया था.

    इस शिकार मामले के आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए थे. इस दौरान वन विभाग ने नीलगांय शिकार मामले में अपराध दर्ज कर जांच करते समय मुर्झा निवासी मोरेश्वर गोंधोले (27) व सुरेश आन्बेड़ारे (40) इन दो व्यक्तियों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार करके उनसे पूछताछ की गई. पूछताछ में दोनों आरोपियों की ओर से नीलगाय के शिकार किए जाने की बात को स्वीकार करने के बाद वन विभाग ने दोनों आरोपियों को फारेस्ट कस्टडी देने की मांग की गई थी.

    इस मांग के पर कोर्ट की ओर से 12 नवंबर तक दोनों आरोपियों को फारेस्ट कस्टडी मंजुर की थी.  हालांकि कोर्ट द्वारा मंजूर फारेस्ट कस्टडी की अवधि समाप्त होने पर 12 नवंबर को वन विभाग की ओर से दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किए जाने पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में  भेजने के आदेश दिए गए. कोर्ट के आदेश के बाद नीलगाय का शिकार करने वाले दोनों आरोपियों को भंडारा जेल में रवाना किए जाने के आदेश दिए गए. मामले की जांच जिला उपवन संरक्षक एस बी भलावी व सहायक वन संरक्षक आर पी राठोड के मार्गदर्शन में स्थानीय वन परिक्षेत्र अधिकारी रुपेश गावित एवं एस टी मेंढे कर रहे हैं.