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    खामगांव. विगत दो ते तीन वर्षों से पर्याप्त बारिश होने से किसानों को खरीफ के साथ रबी एवं गर्मी के मौसम में सिंचाई करने का अवसर मिला है. सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की सुविधा उपलब्ध होने से इस वर्ष तहसील में 8 हजार 235 हेक्टर क्षेत्र में रबी फसलों की बुआई की गई हैं. जिससे किसान मौसमी कार्यों में लगे हैं.

    विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सोयाबीन एवं मूंग की फसलों की बुआई बड़े पैमाने पर की गई हैं, जिस के चलते किसानों का आर्थिक उत्पन्न बढ़ने में मदद होने वाली हैं. रबी मौसम में गेहूं 2,264 हेक्टर क्षेत्र में एवं चना 8,286 हेक्टर क्षेत्र तथा अन्य फसलों सहित कुल 11,814 हेक्टर क्षेत्र में बुआई हुई थी.

    इसी तरह मौसमी फसलों में सोयाबीन, मूंग, ज्वार, तिल, मका, प्याज, सब्जीयां, सूरजमुखी एवं मूंगफल्ली की फसलों की बुआई भी बढ़ गई हैं. इस साल 8,235 हेक्टर क्षेत्र में मौसमी फसलें लेने की जानकारी कृषि विभाग से मिली है. तहसील के मन, तोरणा, मस, ज्ञानगंगा एवं ढोरपगांव सहित अन्य छोटे बड़े बांधों में पानी होने के कारण सिंचाई क्षेत्र बढ़ गया हैं. खरीफ एवं रबी फसलों के साथ साथ गर्मी की फसलों को लेने की ओर किसानों का रुझान बढ़ने से उनकी आर्थिक आय बढने में मदद होने वाली हैं.

    तहसील में मंडल स्तर पर हुई फसलों की बुआई

    तहसील के अटाली मंडल में 854 हेक्टेयर, अड़गांव 1,364, आवार 230, पलशी बुद्रक 654, पारखेड़ 1,449, वझर 578, लाखनवाड़ा 555, पिंपलगांव राजा 817, हिवरखेड़ 274, कालेगांव 1,197 एवं खामगांव मंडल में 179 हेक्टर क्षेत्र में रबी की बुआई की गयी है.

    तहसील में फसल स्तरीय बुआई

    तहसील के फसल स्तर पर सोयाबीन 670 हेक्टेयर, तिल 163, मूंगफल्ली 1,854, सूरजमुखी 148, मका 1,260, प्याज 2,620, सब्जी 874, ज्वार 48 एवं 597 हेक्टर क्षेत्र पर मूंग की बुआई की गई हैं.