नुकसान प्रभावित किसानों को अधिक से अधिक सहायता – वडेट्टीवार

    • राज्य सरकार का किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता_ कृषिमंत्री भुसे
    • पालकमंत्री एवं कृषिमंत्री ने खेतों में जाकर जानी किसानों की व्यथा
    • बेमौसम बारिश के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण

    चंद्रपुर. पिछले 15 दिन पूर्व हुई बारिश के कारण किसानों के खेतों में धान का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. किसानों के आंखों से बहते आंसूओं को पोछकर प्रभावित किसानों को अधिक से अधिक सहायता दिलायी जाएगी ऐसा विश्वास पालकमत्री विजय वडेट्टीवार ने व्यक्त किया.

    उन्होने कृषिमंत्री दादाजी भुसे के साथ सिंदेवाही, सावली, मूल, पोंभूर्णा तहसील में अतिवृष्टि के कारण नष्ट हुई फसल का जायजा लिया. इस समय कृषिमंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि किसानों के साथ सरकार मजबूती से खड़ी है. किसानों का हित सर्वोच्च है.

    सिंदेवाही, सावली, मूल तहसील के आठ से दस गांव में अतिवृष्टि से हुए नुकसान के फसल का निरीक्षण करते हुए दोनों बोल रहे थे. इस समय जिलाधिकारी अजय गुल्हाने, मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष संतोष सिंह रावत, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी भाऊसाहब बहाटे आदि उपस्थित थे.

    पालकमंत्री ने आगे कहा कि गत 15 दिनों पूर्व सावली, सिंदेवाही, पोंभूर्णा एवं मूल आदि क्षेत्र में अतिवृष्टि सदृष्य परिस्थिति होने के कारण सम्पूर्ण धान फसल नष्ट हुई है. किसानों को संभलने का मौका नहीं मिला. किसानों का संकट काफी बड़ा है. इस संदर्भ में मंत्रिमंडल में विषय रखकर कृषिमंत्री को नुकसानप्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए विनंती की.उन्होने हामी भरी और जिले का दौरा किया है. किसानों का सम्पूर्ण बजट चरमरा गया है.

    पालकमंत्री होने के नाते और कृषिमंत्री किसानों को अधिक से अधिक मदद देने के लिए प्रतिबध्द है. खरीफ हंगाम तो हाथ से निकल गया रबी मौसम में किसानों को दिलासा देने के लिए ज्वारी, हरभरा अल्पदर में उपलब्ध करके दे. आगामी तीन से चार दिनों में अल्पदरों में बीजों का वितरण करने के निर्देश जिला प्रशासन और कृषि विभाग को दिए गए है.धान खरीदी की समयावधि फरवरी महीने के अेत बढाने की मांग उन्होने कृषिमंत्री से की. जंगली सूअर फसलों को नष्ट पहुंचाते है इसलिए इन्हें मारने की अनुमति दी जाए ऐसा सुझाव दिया.

    सम्पूर्ण निरीक्षण उपरांत मूल के उपविभागीय अधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक में ग्रामस्तरीय यंत्रणा के कामकाज पर पालकमंत्री ने नाराजी जतायी. जिन गांव मे नुकसान हुआ है वहां पंचनामे तुरंत पूर्ण कर दो दिनों में रिपोर्ट दें, किसान संकट में होते हुए ग्रामीण यंत्रणा के काम में कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ऐसा इशारा दिया.

    कृषिमंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि चंद्रपुर जिले में आठ से दस गांव में जिले के पालकमंत्री वडेट्टीवार और सम्पूर्ण यंत्रणा सहित दौरा किया. किसानों के खेतों में जाकर प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. सभी जगह फसलों की बर्बादी का मंजर नजर आ रहा था. कृषिमंत्री भुसे ने कहा कि प्रशासन ने इसकी दखल ली और पंचनामे पूर्ण करने के आदेश दिए है. आगामी मंत्रीमंडल की बैठक में यह विषय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राजस्वमंत्री समेत अन्य के समक्ष रखा जाएगा. किसानों के हितों को पूरा ध्यान रखा जाएगा.

    इस समय मंत्रियों के हाथों चिमढा में जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के किसान कल्याण निधि योजना अंतर्गत कैन्सर पीड़ित विनोद वाढई और प्रभाकर लेनगुरे को साथ ही टेकाडी के यशोदा कोटरंगे नामक कैन्सरपीड़ित महिला को प्रत्येक को तीस हजार की सहायता दी गई.

    पालकमंत्री वडेट्टीवार और कृषिमंत्री भुसे ने सभी यंत्रणा सहित सिंदेवाही तहसील के मेंढा माल के शंकर रावजी रामटेके, तांबेगढी मेंढा के रामदास बाबूराव मंगाम, पालेबारसा के पुष्पावती तुमराम, मंगरमेंढा के राजेंद्र वागरे, मुंडाला के काशीनाथ डाचेवार, चिमढा के उत्तम लेनगुरे, टेकाडी के निर्मला मेश्राम के खेत में नुकसान का निरीक्षण किया. इससे पूर्व सिंदेवाही के विभागीय कृषि संशोधन केन्द्र को भेट दी..

    इस समय सावली के तहसीलदार परिक्षित पाटिल, सिंदेवाही के तहसीलदार गणेश जगदाले, गटविकास अधिकारी संजय पूरी, उपविभागीय कृषि अधिकारी सोनाली गजबे, कृषि विकास अधिकारी लक्ष्मीनारायण दोडके, तहसील कृषि अधिकारी अनिल महाले, मेढा माल की सरपंच श्रध्दा गुरनुले समेत ग्रामीण उपस्थित थे.