पुलिस सहायता केंद्र पर हुई गोलीबारी के बाद, ग्रामीणों में दहशत में गुजारी रात

    गड़चिरोली. रविवार की शाम 7 बजे के दौरान नक्सलियों ने एटापल्ली तहसील के बुर्गी पुलिस सहायता  केंद्र पर गोलीबारी की. जवाबी हमले में पुलिस जवानों ने भी फायरिंग किया. जिसके बाद नक्सली जंगल में फरार हो गये. मात्र दुसरी ओर गांव के पुलिस थाने में नक्सलियों द्वारा हमला करने से रविवार की रात बुर्गी गांव के लोगों को दहशत में निकालनी पड़ी.

    बता दे कि, पुलिस थाने में नक्सली हमाला होने की घटना की जिला पुलिस अधिक्षक अंकित गोयल ने रविवार को ही पुष्टि की है. सोमवार को सुबह बुर्गी गांव से तहसील में थाने पर हुई फायरिंग संदर्भ में चर्चाएं शुरू हो गयी थी. वहीं सोमवार को सुबह से थाना क्षेत्र के जंगल परिसर में पुलिस जवानों का द्वारा नक्सल विरोधी मुहिम तीव्र कर दी गई है. बता दे कि, नक्सलियों ने इसी तहसील के गट्टा (जां)पुलिस सहायता केंद्र पर दो बार हमला किया था. मगर दोनों नक्सली नाकामयाब रहे.

    पुलिस की सतर्कता से नक्सल सप्ताह विफल

    नक्सलियों द्वारा 28 जुलाई से 3 अगस्त की कालावधि में नक्सल शहीद सप्ताह मनाया गया. इधर शहीद सप्ताह के मद्देनजर जिला पुलिस अधिक्षक अंकित गोयल ने सी-60 जवानों को जिले में नक्सल विरोधी अभियान तीव्र रूप से चलाने का आदेश दिया. साथ ही जिले के सभी पुलिस थाने, उपपुलिस थाना और पुलिस सहायता केंद्रों को अलर्ट रहने का आदेश दिया था.

    विशेषत: पुलिस विभाग के सतर्कता के चलते नक्सलियों का शहीद सप्ताह पुरी तरह विफल हुआ. नक्सली केवल बैनर और पर्चे फेंककर लोगों में दहशत निर्माण करने का प्रयास किया. लेकिन शहीद सप्ताह के पहले दिन से ही जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में नक्सलियों का शहीद सप्ताह बेअसर दिखाई दिया.

    सप्ताह में नक्सल दम्पंती ने किया था सरेंडऱ

    एक ओर नक्सली शहीद सप्ताह के पहले ही दिन ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में बैनर और पर्चे फेंककर क्षेत्र के नागरिकों में दहशत निर्माण करने की कोशिश की. लेकिन पुलिस विभाग की सतर्कता के चलते नक्सली किसी भी तरह की हिसंक घटना को अंजाम नहीं दे पाए. ऐसे में नक्सलियों के शहीद सप्ताह में ही जहाल नक्सल दम्पंती ने जिला पुलिस सामने सरेंडर किया था. सरेंंडर नक्सल दम्पंती पर सरकार द्वारा कुल 8 लाख रूपयों का इनाम घोषित किया गया था. जिससे में शहीद सप्ताह में पुलिस विभाग को बड़ी सफलता मिली.

    दो वर्षो से पुलिस नक्सलियों पर हावि

    पिछले दो वर्षो से जिला पुलिस अधिक्षक अंकित गोयल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उचित रणनिति के चलते जिला पुलिस दल नक्सल आंदोलन पर हावि होते दिखाई दे रहा है. इस कालावधि में बडे कैडर के नक्सलियों को पुलिस जवानों ने मार गिराया है. साथ ही पुलिस की ग्रामभेट योजना को सफलता मिलकर सरकार की आत्मसमर्पण योजना के तहत अनेक नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया है. जिसके कारण वर्तमान स्थिति में गड़चिरोली जिले में नक्सल आंदोलन गडमगाते हुए दिखाई दे रहा है.