केंद्र सरकार के खिलाफ जिले में सर्वदलीय आक्रोश, जिले में जगह जगह धरना, चक्काजाम

    गड़चिरोली. मोदी सरकार 3 कृषि कानुन तत्काल रद्द करे, कृषि उपज को समर्थन मुल्य देने का कानुन करे इन प्रमुख मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किए गए भारत बंद के समर्थन में तथा महंगाई के खिलाफ आज 27 सितंबर को गड़चिरोली जिला मुख्यालय के साथ विभिन्न तहसीलों में भाजपा के विरोधी सभी राजनितिक दल व संगठनों ने धरना व चक्काजाम आंदोलन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया. 

    जिला मुख्यालय पर इंदिरा गांधी चौक में सर्वदलीय कार्यकर्ते व किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ घोषणाबाजी कर रोष व्यक्त करते हुए कृषी कानुन पिछे लेने की मांग की. शुरूआत में चौक में धरना आंदेालन करते हुए सभा संपन्न हुई. धरना व सभा में उपस्थित सर्वदलीय नेताओं ने मोदी सरकार के किसान व जनविरोधी निति तथा बढ़ती महंगाई व निजिकरण निति पर तिखी टिप्पणीयां की.

    तथा मांगे पूर्ण न होने पर आंदोलन और तिव्र करने की चेतावनी भी दी. इसके बाद चक्काजाम आंदोलन किया गया. इस आंदोलन के कारण शहर के चारों मार्ग पर की यातायात कुछ समय के लिए बाधित हुई थी. अंतत: पुलिस द्वारा हस्तक्षेप कर आंदोलकों को हिरासत में लिया. कुछ समय बाद सभी कार्यकर्ताओं को रिहा कियाग या. इसके पश्चात सर्वदलीय नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक देकर जिलाधिकारी मार्फत राष्ट्रपती, पंतप्रधान को मांगो का ज्ञापन भेजा गया. 

    इस आंदोलन में भाकपा के राज्य कार्यकारणी सदस्य डॉ. महेश कोपूलवार, अभा रिपब्लिकन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष रोहिदास राऊत, राकां जिलाध्यक्ष रवींद्र वासेकर, कांग्रेस किसान सेल के जिलाध्यक्ष वामनराव सावसाकडे, जिप सदस्य सैनु गोटा, शेकाप की जयश्री वेलदा, आप के जिला संयोजक बालकृष्ण सावसाकडे, माकप के अमोल मारकवार, सपा के जिलाध्यक्ष इलीयास पठाण, बीआएसपी के जिलाध्यक्ष राज बन्सोड, कांग्रेस के  सतिश विधाते, भाकपा के देवराव चवले, अभारिप के प्राचार्य प्रकाश दुधे, हंसराज उंदीरवाडे, राकां जगन जांभुलकर, सुनील चडगुलवार, अक्षय कोसनकर, देवाजी सोनटक्के, पांडुरंग घोटेकर, योगेश नांदगाए, साहील बोदेले, संजय वाकडे, प्रशांत खोब्रागडे, अमोल दामले, अशोक खोब्रागडे, नीता सहारे, वनमाला झाडे, मिनाक्षी सोलेकर, सिंधु कापकर, माधुरी शंभरकर, शली शेडे, मिलींद बांबोळे, पुरूषोत्तम रामटेके, गुंजन थुलकर, नरेंद्र रायपुरे आदि समेत सर्वदलीय नेते, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे. 

    धानोरा में महाविकास आघाड़ी सड़क पर 

    बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, पेट्रोल डिझेल दरवृद्धी, किसान आंदोलन को विरोध, जातिनिहाय जनगणना को विरोध, सरकारी मालमत्ता का निजिकरण व बिक्री इन नितियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए महाविकास आघाडी के तहसील पदाधिकारी सड़क पर उतरे थे. स्थानीय मुख्य चौक में केंद्र सरकार का निषेध कर तहसीलदार के मार्फत ज्ञापन भेजा गया.

    इस समय जिप उपाध्यक्ष तथा कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष मनोहर पोरेटी, राकां तहसील अध्यक्ष सोपानदेव म्हशाखेत्री, शिवसेना तहसील अध्यक्ष शेखर उईके, जिप सदस्य विनोद लेनगुरे, वरीष्ठ नेते मुबारक अली, पूर्व पंस सदस्य परसराम पदा, पंस सदस्य महागु वाडगुरे, कुलदीप इंदूरकर, मानिकशहा मडावी, वकीलभाई पठाण, प्रशांत कोराम, समीर कुरेशी, गोपिदास चौधरी, गिरीधर सोनुले, अफरोज शेख, शकील पठाण, अनवर नाथानी, सचिन गावतुरे, भुषण भैसारे, मुकुल बोडगेवार, मंगेश नरचुलवार, अनिरुद्ध कुलमेथे, विलास कुमरे, पुरुषोत्तम बावणे आदि समेत महाविकास आघाडी के पदाधिकारी व कार्यकर्ते उपस्थित थे. 

    कांग्रेस ने किया निषेध 

    आरमोरी. तहसील कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार ने जीवनावश्यक वस्तूओं में किए गए भारी दरवृद्धी के खिलाफ भव्य प्रदर्शन कर केंद्र की भाजपा सरकार का निषेध किया गया. इस मसय कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष मनोज वनमाली, भाकपा के प्रदेश सदस्य डा. महेश कोपुलवार, माकप के जिला सचिव अमोल मारकवार, जिप सदस्य मनिषा दोनाडकर, कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष राजु गारोदे, विस अध्यक्ष सोशल मिडीया नंदु खानदेशकर, युकां विस अध्यक्ष तथा पार्षद मिलिंद खोब्रागडे, युकां तहसील अध्यक्ष सौरभ जक्कनवार, पार्षद किरमे, कांग्रेस की जिला महासचिव रोशनी बैस, शहर अध्यक्ष शालिकराम पत्रे, तहसील उपाध्यक्ष विजय सुपारे, प्रा. शशिकांत गेडाम, वरीष्ठ नेते भिमराव बारसागडे, संजु लोणारे, भुपेश कोलते, निलकंठ गोहणे, अमिन शेख, निलेश अंबादे, संजय वाकडे, संजु मोटघरे समेत कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे. 

    कोरची के मुख्य चौक में प्रदर्शन

    कोरची में तहसील महाविकास आघाडी की ओर से किसान विरोधी 3 काले कानुन व महंगाई के खिलाफ स्थानीय मुख्य चौक में प्रदर्शन किया गया.

    इस समय कोरची तहसील कांग्रेस कमिटी के प्रभारी तहसील अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, राकां के तहसील अध्यक्ष  प्रतापसिंह गजभिये, शिवसेना के नंदकिशोर वैरागडे, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सदरू भामाणी, राकां शहर अध्यक्ष अविनाश हूमने, तहसील सरपंच संगठना के अध्यक्ष धनीराम हिडामी, कांग्रेस सोशल मीडिया तहसील प्रमुख वसीम शेख, रुखमन घाटघूमर, कांग्रेस अनु. जाती अध्यक्ष आनंदराव मेश्राम, सरपंच जीवन नुरुटी, पूर्व सरपंच सरजूराम जमकातन, युवक कांग्रेस के धनराज मडावी, राकां के युवा तहसील अध्यक्ष स्वप्निल कराडे, युवा शहर अध्यक्ष रतन कराडे, ओबीसी सेल तहसील अध्यक्ष विनोद गुरनुले, श्रीराम नैताम, दिपक मोहूर्ले, विनायक जेंगठे, प्रवीण जेंगठे,केवल भैसारे, राजन गंधेल,प्रेम काटेंगे,सुरेश उईके,मधु शेंडे,गोपाल मोहुर्ले,कांताराम जमकातन, विरेंद मडावी, रामू नेताम आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे. 

    कुरखेड़ा में किया केंद्र सरकार का निषेध 

    कुरखेडा. तहसील कांग्रेस व महाविकास आघाड़ी की ओर से स्थानीय फव्वारा चौक में प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार का निषेध किया गया. इस समय किसान विरोधी कानुन, 2 करोड रोजगार निर्मिती का आश्वासन देकर युवकों की ठगी करनेवाले, डिझेल, पेट्रोल समेत जीवनावश्यक वस्तूओं की भारी दरवृद्धी करनेवाले या भाजपा प्रणीत केंद्र सरकार का निषेध करते हुए घोषणाबाजी की गई.

    आंदोलन में कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष जयंत पाटील हरडे, जिला उपाध्यक्ष तथा नियोजन समिति सदस्य जिवन नाट, युवक कांग्रेस तहसील अध्यक्ष गिरीधर तितराम, जिप सदस्य प्रभाकर तूलावी, जिप सदस्य प्रल्हाद कराडे, पंस उपसभापति श्रीराम दूगा, पूर्व नगराध्यक्ष आशा तूलावी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जयश्री धाबेकर, पंस सदस्य शारदा पोरेटी, शिवसेना नेते पूर्व नप सभापति पूंडलिक देशमुख, अमोल पवार, पुंडलिक निपाने, आनंदराव जांभूलकर, रूखसार शेख, तूकाराम मारगाये, गूड्डू वालदे, अरूण उईके, शेरू पठान, दादाजी आले, उद्धव कापगते, पांडूरंग लंजे, रामू कवलो, पिताबंर गहाणे, वामन सहारे, धर्मेंद्र मूले, धर्मराव नैताम, प्रभाकर कोकोडे, परमेश्वर लोहंबरे समेत कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे.