आंगनवाड़ी सेविकाओं ने दी प्रकल्प कार्यालय पर दस्तक, 287 मोबाइल सरकार को लौटाएं

    चामोर्शी. सरकार की ओर से दिए गए मोबाइल पुराने हुए है. तथा तकनिकी खराबी निर्माण हो रही है. तथा पोषण ट्रैकर एप आंगनवाड़ी सेविकों परेशानीजनक काम हुआ है. जिससे तहसील के आंगनवाड़ी सेविकों ने शुक्रवार 17 सितंबर को स्थानीय बालविकास प्रकल्प कार्यालय पर दस्तक देकर 287 मोबाइल सरकार को लौटाए गए. 

    राज्य के आंगनवाड़ी सेविकों को सरकार ने वर्ष 2019 में मोबाइल दिए थे. मात्र, अब मोबाइल पुराने होने से खराब हो चुके है. तथा पोषण ट्रैकर की जानकारी अंग्रेजी से भरना मुश्किलोभरा हो रहा है. जिससे आंगनवाड़ी कर्मचारी संगठना, आयटक व आंगनवाड़ी कर्मचारी कृती समिति की ओर से राज्य भर में 17 अगस्त से मोबाइल वापसी आंदोलन कर रहे है.

    इसके ही एक हिस्से के रूप में चामोर्शी तहसील के आंगनवाड़ी सेविकों ने आंदोलन कर अपने पास का मोबाइल प्रकल्प अधिकारी गजानन चाफे को लौटाया. तहसील के 12 सर्कल में 330 आंगनवाड़ी केंद्र का समावेश है. आंदोलन में अनिता अधिकारी, रजनी चलकलवार, ज्योती कोल्हापूरे, प्रियंका बारसागडे, ललिता कीनेकार, शैला कोडापे, सुरेखा गायकवाड समेत तहसील के आंगनवाड़ी, बालवाडी केंद्र की आंगनवाड़ी सेविका उपस्थित थे.

    मोबाइल में अनेक खराबी

    सरकार ने दिए मोबाइल की अवधि खत्म हो चुकी है. जिससे मोबाइल गरम होना, हैंग होना, मोबाईल रैम कम होने से मोबाइल एप्स डाउनलोड न होने का प्रमाण बढ़ चुका है. जिससे मोबाइल पर काम करना कठीण हुआ है. मोबाइल बिघडने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पैसे लगाने पड़ रहे है. जिससे नया मोबाइल दिया जाए तथा पोषण ट्रैकर एप मराठी में किया जाए, ऐसी मांग इस समय आंगनवाड़ी सेविकों ने की.