योजना से खेती को आधुनिकता से जोड़े, विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे का आह्वान

    गड़चिरोली. वनाधिकार के पट्टे मिलने के बाद जिले के वनाधिकार पट्टेधारक किसान स्थानीय प्रशासन के साथ संवाद कर कृषी योजना तथा बैं की मदद लेकर खेती को आधुनिकता से जोडकर वित्तीय उन्नती करे, ऐसा आह्वान नागपूर विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे वर्मा ने किया. 

    स्थानीय जिलाधिकारी के नियोजन भवन में जिले के वनाधिकार पट्टे धारक किसानों को प्रमाणपत्र का वितरण आयोजन किया गया था. इस मसय वे बोल रही थी. आगे मार्गदर्शन करते हुए विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे ने कहां कि, आधुनिक खेती को एक व्यक्ती ने शुरूआत की तो यह देखकर अन्य किसान भी आगे आऐंगे. इससे अनेक गांव जोड़े जाऐंगे. जिससे वनाधिकार प्राप्त किसान सरकार के विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मिले मौके का अच्छा निवेश कर अपनी उन्नती करे, ऐसा आह्वान भी उन्होने किया. 

    गड़चिरोली जिला यह आदिवासी बहुल जिले के रूप में पहचाना जाता है. यहां वन, नदी, नालों से घिरा प्रकृतिसंपन्न होनेवाला जिला है. स्थानीकों का मुख्य व्यवसाय खेती होकर आदिवासी व अन्य जनजाति के जीवनयापन का के दृष्टि से सरकार अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वननिवासी ‘वनहक्क कानुन 2006’  अस्तीत्व में लाया.

      इसी के तहत इस कार्यक्रम में जिले के अतिदुर्गम व पिछड़े क्षेत्र के वनाधिकार पात्र दावेंदारों का उनके अधिकार की जमीन मिले, इसलिए जिलास्तरीय वनाधिकारी समिति मार्फत वनाधिकार प्रमाणपत्र वितरीत किया गया. इस समय विभागीय आयुक्त ने प्रातिनिधिक स्वरूप में 12 लोगों को वनाधिकार के दांवे वितरीत किए.

    इसमें एटापल्ली तहसील के 7 तो आरमोरी तहसील के 5 लोगों को वनाधिकार पट्टे का वितरण किया गया. इस समय उपस्थित लाभार्थियों ने सभी का आभार मानते हुए अब हम अधिक मेहनत से खेती कर उत्पादन बढ़ाऐंगे ऐसा विश्वास जताया. इस समय जिलाधिकारी संजय मिणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुमार आशिर्वाद, प्रकल्प अधिकारी आशिष येरेकर, निवासी उपजिलाधिकारी धनाजी पाटील, उपवनसंरक्षक कुमारस्वामी आदि उपस्थित थे. 

    33 हजार 217 सामूहिक, वैयक्तिक दांवे मंजूर

    अनुसूचित जनजाति व अन्य परंपरागत वननिवासी (वनाधिकार की मान्यता) अधिनियम 2006 व नियम 2008, सुधारणा नियम 2012 अंतर्गत व्यक्तिगत दांवे के रिपोर्ट के अनुसार व्यक्तिगत वनाधिकार के दांवे कुल मंजूर (अपील समेत) 31 हजार 795 है. जिसमें अनु.जनजाति  17 हजार 129, अन्य परंपरागत 14 हजार 666 होकर कुल क्षेत्र (हेक्टेयर में) 37,740.17 है. वहीं सामुहिक दावां में जिलास्तरीय समिति द्वारा मान्य किए गए वन दांवे कुल 1422 है. उसका कुल क्षेत्र यह  5,03,322.11 हे. आर. है.

    विभागीय स्तर के वनाधिकार सुनवाई 

    जिले के वनाधिकार मांग करने के बाद नामंजूर दांवे अपिल में गए दांवों पर विभागीय स्तर पर सुनवाई होती है. जिसके तहत जिले के दुर्गम क्षेत्र के अपिल धारकों को उपस्थित रह पाए, इसके लिए गड़चिरोली में ही विभागीय स्तर पर सुनवाई का आयोजन किया गया था. विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे- वर्मा ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के नियोजन भवन में सभी उपस्थितों की सुनवाई ली. इस समय विभागीय वनहक्क समिति के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे.