नरभक्षी बाघ को पकड़ने वनविभाग असफल, ग्रामीणों का फुटा गुस्सा, आज से गड़चिरोली में होगा बेमियादी अनशन

    • संवाददाता सम्मेलन में ग्रामीणों की जानकारी

    गड़चिरोली. नरभक्षी बाघ ने गड़चिरोली तहसील के 15 लोगों की जाने ली है. इन घटनाओं को लेकर आंदोलन करने के बाद वनविभाग द्वारा 48 घंटों में बाघ को पकडऩे के आश्वासन दिया था. मात्र अब 25 से अधिक दिनों की कालावधि बीत जाने के बावजूद भी वनविभाग नरभक्षी बाघ को पकडऩे में असफल हुआ है. वहीं दुसरी ओर इन घटनों में ग्रामीणों को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. वनविभाग अपनी असफलता का ठिकरा ग्रामीणों के सिर पर फोडने का प्रयास कर रहा है.

    जिससे ग्रामीणों को गुस्सा अब अंतिम चरण में होकर वनविभाग के मुख्य वनसंरक्षक समेत दो उपवनसंरक्षक को तत्काल निलंबन करने और नरभक्षी बाघ को गोली मारने की मांग को लेकर सोमवार को जिलाधिश कार्यालय के सामने बेमियादी अनशन शुरू करने की जानकारी रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बाघ बाधित क्षेत्र के गांवों के नागरिकों ने दी है.

    संवाददाता सम्मेलन में भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन के गड़चिरोली जिलाध्यक्ष विजय खरवड़े, योगाजी कुडवे, धनंजय डोईजड, संजय बोबाटे, रविंद सेलोटे, चंद्रशेखर सिडाम, टिपेश आकेवार, अमोल मेश्राम, निलंकठ मेश्राम, सुनिल नक्षिणे, गुणाजी देशमुख, विलास भानारकर, लोमेश लांबाड़े समेत ग्रामीण उपस्थित थे.

    अल्टिमेटम खत्म होने में अब 4 दिन शेष

    समिति के पदाधिकारी और ग्रामीणों ने बताया कि, गड़चिरोली तहसील में नरभक्षी बाघ की दहशत निर्माण होने के बाद नरभक्षी बाघ को पकडऩे की मांग को लेकर 1 सिंतबर से मुख्य वनसंरक्षक कार्यालय के सामने श्रृंखला अनशन शुरू किया गया. आंदोलन के दूसरे ही दिन नरभक्षी बाघ को पकडऩे की अनुमति वनविभाग को मिली.

    विशेषत: वनविभाग को 30 सितंबर तक बाघ को पकडऩे का अल्टिमेटम दिया गया था. लेकिन अब तक वनविभाग ने नरभक्षी बाघ को नहीं पकड़ा है. अब केवल 4 दिनों की कालावधि शेष है. ऐसी जानकारी इस समय दी गई.

    नामशेष है आरआरटी

    गड़चिरोली तहसील में 15 लोगों की जान लेनेवाले नरभक्षी बाघ को पकडऩे के लिये नागझिरा टाईगर रिसोर्ट से आरआरटी (रॅपिट रिस्फांन्स टीम) को गड़चिरोली तहसील में बुलाया गया. लेकिन अब काफी दिनों की कालावधि बित जाने के बावजूद भी आरआरटी टीम नरभक्षी बाघ को पकड़ नहीं पायी है.

    टीम के सदस्य जंगल में घुसने के बजाय प्लेन एरिया में रहकर बाघ की खोजबिन कर रहे है. जिससे आरआरटी केवल नामशेष होने का आरोप ग्रामीणों ने संवाददाता सम्मेलन में लगाया है.

    जब तक पालकमंत्री नहीं आएंगे, तब तक जारी रहेगा आंदोलन

    गड़चिरोली तहसील के 15 से अधिक गांवों में नरभक्षी बाघ की दहशत निर्माण हो गयी है. नरभक्षी  बाघ ने अब तक 15 लोगों की जाने ली है. वहीं 50 से 60 मवेशियों को अपना निवाला बनाया है. बाघ के दहशत के कारण बाघ बाधित क्षेत्र के किसान अपने खेतों में नहीं जा पा रहे है. जिससे उनपर भुखों मरने की नौबत आन पड़ी है.

    ऐसे में स्थिति में वनविभाग के लोगों को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है. जिससे सोमवार से जिलाधिश कार्यालय के सामने बेमियादी श्रृंखला अनशन शुरू किया जाएगा. और जब तक पालकमंत्री एकनाथ शिंदे अनशन मंडप को भेट कर ठोस निर्णय नहीं लेंगे, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा, ऐसी चेतावनी भी दी गई.