स्वतंत्र ग्रापं के लिए रवी, मुलूरचक के ग्रामीण हुए आक्रमक, भरी बरसात में किया चक्काजाम आंदोलन

    आरमोरी. तहसील के रवी, मुलूरचक गांवों को विशेष बाब के तौर पर स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दे, अन्यथा समिप के वघाला ग्राम पंचायत में इन दोनों गांवों का समावेश करे, इस मांग को लेकर पूर्व विधायक आनंदराव गेडाम के नेतृत्व में आज 20 सितंबर को रवी, मुलूरचक के ग्रामीणों ने स्थानीय स्थानीय पंचायत समिति के समक्ष भरी बरसात में चक्काजाम आंदोलन किया. 

    पंचायत समिति आरमोरी अंतर्गत आनेवाले गुट ग्रामपंचायत अरसोडा ग्रामपंचायत का अरसोडा यह गांव आरमोरी नप में समाविष्ट किया गया है. किंतू इसी गुट ग्राम पंचायत के रवी, मुलूरचक इन दोनों गांवों का समावेश नप में नहीं किया गया. जिससे गांव में कोई भी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही है. विगत 4 वर्षो से ग्राम पंचायत के अभाव में दोनों गांव के नागरिकों को घरकुल, शौचालय व अन्य सुविधाएं नहीं मिली है. वहीं गांव के पथदिप, नालीयां, सड़के, रोगायों के कार्य प्रभावित हुए है. इसके लिए कोई भी निधि नहीं मिल रहा है. उक्त गांव वनव्याप्त होने के कारण बाघ की दहशत भी है.

    इस दौरान गांव के 2 ग्रामीणों को बाघ ने मौत के घाट उतारा है. जिससे रवी, मुलूरचक इन दोनों गांवों की विशेष बाब के तौर पर स्वतंत्र ग्राम पंचायत निर्माण करे, अन्यथा समिप के वघाला ग्राम पंचायत में इन दोनों का समावेश करे, ऐसी मांग आंदोलन के दौरान की गई. इस दौरान आंदोलनस्थल पर पंस के संवर्ग विकास अधिकारी हिवंज ने भेट देकर मेरे पास जिला परिषद, पंचायत विभाग का प्रभार होने से सरकारी स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया.

    आंदोलन में पूर्व जिप सभापति विश्वास भोवते, जिला आदिवासी कांग्रेस के सचिव दिलीप घोडाम, पंस सदस्य वृंदा गजभिये, पार्षद माणीक भोयर, सुरेश मरापा, विठोबा कामथे, सुमित्रा तामसटवार, प्रितम धोडने, राजकुमार नदंरधने, नरेंद्र गजभिये, तामरशा मरापा, शामराव शिलार, शिवदास चौके, ब्रम्हदास कवासे, संजय कामथे, श्रीधर मरापा, प्रल्हाद कवासे, कारुजी चंडीकार, निलकंठ सावसाकडे, मुखरु सावसाकडे, प्रदीप सावसाकडे, लक्ष्मण कवासे, रमेश चौधरी, तुकाराम ठाकरे इसके साथ रवी, मुलूरचक के ग्रामीण बड़ी मात्रा में सहभागी हुए थे. 

    सीईओ का घेराव करने की चेतावनी 

    स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दे, इस मांग को लेकर आज रवी, मुलूरचक के ग्रामीण आक्रमक होकर आरमोरी में  चक्काजाम आंदोलन किया. मांगो का ज्ञापन सौंपा गया. आगामी 15 दिनों के भितर दोनों गांवों में सुविधाएं आपूर्ति करने की दृष्टि से कोई निर्णय नहीं लिया गया तो जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का घेराव करने की चेतावनी आंदोलनकर्ताओं ने दी. 

    यातायात हुई प्रभावित 

    रवी व मुलूरचक के ग्रामीणों के चक्काजाम आंदोलन के कारण पंचायत समिति के समक्ष मुख्य मार्ग पर दोनों छोर पर वाहनों की कतारे लग गई थी. करीब आधा घंटा यातायात बाधित हुई थी. आंदोलन समाप्ती के बाद यातायात सुचारू हुई. आंदोलन के दौरान बारिश शुरू होने से भरी बरसात में छाते लेकर ग्रामीण आंदोलन में डटे रहे.