Shiv Sena
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    गड़चिरोली. महाविकास आघाड़ी सरकार में गड़चिरोली जिले का पालकत्व शिवसेना की ओर आने के बाद जिले में पार्टी को मजबूत कराने का कार्य शुरू था. ऐसे में पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के आदेश पर गड़चिरोली जिले के लिए विधानसभा निहाय 3 जिला प्रमुख की घोषणा की गई है. इसमें आरमोरी विधानसभा क्षेत्र जिला प्रमुख के रूप में सुरेंद्रसिंह चंदेल, गड़चिरोली विधानसभा क्षेत्र जिला प्रमुख के रूप में वासुदेव शेडमाके तो अहेरी विधानसभा क्षेत्र जिला प्रमुख के रूप में रियाज शेख की नियुक्ती की गई है. 

    गड़चिरोली जिले में आरमोरी, गडचिरोली व अहेरी ऐसे 3 विधानसभा क्षेत्र है. 2 दशक पूर्व जिले के आरमोरी व गड़चिरोली इन 2 विधानसभा क्षेत्र में शिवसेना की मजबूत पकड़ थी. अनेक वर्ष आरमोरी विधानसभा क्षेत्र शिवसेना के कब्जे में था. तो गड़चिरोली सभा में भी शिवसेना नतिजों को प्रभावित करती थी. किंतू बिते 2 से 3 विधानसभा चुनाव में पार्टी अंतर्गत गुटबाजी के कारण शिवसेना को पराजित होना पड़ा.

    इस दौरान अनेक शिवसैनिक इधर- उधर हुए थे. जिले में सक्षम नेतृत्व के अभाव में शिवसेना पतन की ओर बढ़ रही थी. ऐसे में वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथ में मुख्यमंत्री पद की कमान आयी. इसके बाद राज्य के शिवसेना का प्रभाव होनेवाले जिले में शिवसेना पार्टी को मजबूत करने की निति वरीष्ठ नेतृत्व ने स्विकारी. खासकर राज्य सरकार स्थापना के बाद गड़चिरोली जिले के पालकमंत्री के रूप में शिवसेना के वरीष्ठ नेते एकनाथ शिंदे ने पदभार संभाला.

    पालकमंत्री शिंदे जब जब जिले के दौरे पर आए, तब तब उनहोने जिले के स्थिती का जायजा लिया. पार्टी से दूर हुए जिले के कुछ नेते व कार्यकर्ताओं को फिर से पार्टी में स्थान दिया. शिंदे के दुरदृष्टि के कारण जिले में शिवसेना का मजबूतीकरण शुरू है. पक्षसंगठन मजबूत करने के उद्देश से जिले में 3 जिला प्रमुख नियुक्त किए जाने की बात कहीं जाती है.

    इससे पूर्व जिले में उत्तर व दक्षिण ऐसे 2 जिला प्रमुख थे. मात्र जिला भौगोलिक दृष्टि से क्षेत्रफल से बड़ा होकर संगठनात्मक कार्य के लिए बड़ा आह्वान है. जिससे विधानसभा निहाय जिला प्रमुख नियुक्त कर पक्षसंगठन के लिए अच्छे प्रयास हो सकते है. ऐसी मान्यता पार्टी नेतृत्व की है. जिससे गड़चिरोली जिले के लिए 3 विधानसभा निहाय जिला प्रमुख नियुक्त किए गए है. इस संदर्भ में शिवसेना मध्यवर्ती कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ती जारी की गई है. 

    पूर्व जिला प्रमुख को नहीं स्थान 

    गड़चिरोली जिले के 3 जिला प्रमुख समेत अन्य पदाधिकारियों के नाम घोषित किए गए है. किंतू इसमें पूर्व शिवसेना जिलाप्रमुख राजगोपाल सुल्वावार का नाम कहीं भी नहीं है. शिवसेना के सुनील पोरेड्डीवार की जिला सहसंपर्क प्रमुख के रूप में नियुक्ती की गई है. उनकी ओर कोरची, कुरखेड़ा, देसाईगंज, आरमोरी, गड़चिरोली व धानोरा इन 6 तहसीलों का कार्यक्षेत्र दिया गया है.

    वहीं दुसरे सहसंपर्क प्रमुख के रूप में विलास कोडापे की नियुक्ती गई है. उनकी ओर चामोर्शी, मुलचेरा, एटापल्ली, भामरागड़, अहेरी व सिरोंचा इन तहसीलों का कार्यक्षेत्र दिया गया है. वहीं गड़चिरोली जिला संगठक के रूप में पूर्व विधायक डा. रामकृष्ण मडावी, जिल्हा समन्वयक के रूप में श्रीकांत बन्सोड़ की नियुक्ती की गई है. 

    शिवसैनिकों में उत्साह

    विगत कुछ चुनाव के नतिजों के बाद जिले के शिवसैनिकों में निराशा फैली थ्ज्ञी. बिते विस चुनाव में एक भी विस क्षेत्र में शिवसेना जीत दर्ज नहीं कर पायी. वहीं जिला परिषद के चुनाव में भी शिवसेना के खाते में एक भी सीट नहीं आयी. किंतू राज्य में महाविकास आघाड़ी सरकार स्थापना के बाद शिवसेना में पार्टी संगठन मजबूत करने के दृष्टि से प्रयास शुरू हुए.

    गड़चिरोली जिले में शिवसेना के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुरूआत से पक्षसंगठन मजबूत करने के दृष्टि से कदम उठाएं. अब विधानसभा निहाय 3 जिलाप्रमुख नियुक्त किए जाने से स्थानीय शिवसैनिकों में उत्साह निर्माण हुआ है. जिनका शिवसेना जिलाप्रमुख के रूप में नियुक्ती हुई है उनका उनके विस क्षेत्र में संगठन प्राबल्य है. इसका लाभ निश्चित ही पक्ष संगठना पर होने की बात कहीं जा रही है.