कच्ची नाली व निकासी समस्या से नागरिक त्रस्त, खुद ही करनी पड़ रही सफाई

    गोंदिया. निकट भविष्य में नप चुनाव होंगे जिसके लिए अब हर पार्टी के उम्मीदवारों ने अपनी कमर कस ली है. पार्टी के कार्यकर्ता भी अपनी पार्टी चुनाव जीते इसके लिए लोगों से संपर्क कर रहे हैं. लेकिन शहर के विभिन्न वार्डो की विभिन्न समस्याओं की ओर अभी भी अनदेखी की जा रही है. इसमें वार्ड नंबर 1 स्थित खापर्डे कालोनी की समस्या की ओर किसी भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जा रहा है.

    इस वार्ड में नाली के पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो रही है जिसके कारण यहां के नागरिक स्वयं ही नाली को साफ कर रहे हैं. नाली में बड़े पैमाने पर गाद जमा हो गया है जिससे गंदे पानी की निकासी होने में समस्या आ रही है. बारिश के दिनों में तो यह समस्या और भी विकराल हो जाएगी. इसे लेकर यहां के नागरिक चिंतित है. नाली में बड़े पैमाने पर गंदगी बनी हुई है.

    जिसके कारण मच्छर व बदबु का सामना नागरिकों को करना पड़ रहा है. चुनाव के समय में ही इस वार्ड की ओर उम्मीदवारों का ध्यान जाएगा ऐसा यहां के नागरिकों द्वारा कहा जा रहा है. इस वार्ड के अलावा ऐसी ही समस्या परमात्मा एक नगर की भी है. यहां पर तो पक्की नालियां भी नहीं बनी है जबकि इस क्षेत्र को बसे लगभग 25-30 वर्ष हो गए है फिर भी कच्ची नालियां ही है.

    इस बीच नप के चुनाव आकर चले गए लेकिन नालियां नहीं बन पाई है. अब आगामी चुनाव में विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार विभिन्न समस्याओं को हल करने का आश्वासन नागरिकों को देंगे ऐसा भी नागरिकों द्वारा कहा जा रहा है. 

    सुअर और मच्छरों पर नहीं हो रहा नियंत्रण

    कच्ची नाली होने के कारण सुअर भी बड़े पैमाने पर रहते हैं जिसके कारण नागरिकों को मच्छर व गंदे पानी की बदबू का सामना करना पड़ता है. नप में टैक्स पटाने के बावजूद भी नाली की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इस प्रकार की समस्या शहर के कई वार्डों में है. कच्ची नाली में सुअर भी प्रति दिन अपना डेरा जमाते हैं जिसके कारण नाली की गंदभी भी फैलती है.

    बारिश के दिनों यह समस्या तो और भी परेशान करती है. बारिश के दिनों में यहां के खाली प्लाटों में नाली का गंदा पानी बड़े पैमाने पर जमा हो जाता है. जिसमें मच्छर सहित अन्य जीव जंतु भी पनपते हैं. जिसके कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम होने का डर बना रहता है.