प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

    गोंदिया. जिला मुख्यालय वाले गोंदिया शहर की धान का कटोरा व मिनी मुंबई के रूप में दूर तक पहचान है. राज्य से केंद्र तक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अनेक नेता किसी ने किसी रुप में यहां से जुडे रहे हैं. इसके बाद भी शहर की बदहाल स्थिति को लेकर अनेकों प्रकार के सवाल किए जाते हैं. अस्वच्छता व उखड़े मार्गो का जाल यह शहर की विशेषता है.

    इसी में अतिक्रमण ने शहर का चेहरा कुरूप कर दिया है. जहां देखों वहां टपरी, अवैध निर्माण कार्य से लोगों ने मार्ग, नालिया व गलियों को भी नहीं छोड़ा है. इसमें भी राजनीतिक हस्तक्षेप से अतिक्रमण की समस्या का हल नहीं निकला है. टैक्स वसूली करने वाले दल को नेताओं के फोन आते है. उसमें अतिक्रमण तो असंभव है. इसके बाद भी नप में शिकायत आ रही है. इस पर नप के माध्यम से प्रक्रिया अनुसार कार्रवाई की जाती है. इसमें नुकसान होता है.  फुटपाथ पर लगे छोटे छोटे  टपरी वालों का. जबकि बड़े लोगों के अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं होती है.

    10 स्थानों पर कार्रवाई

    नप बांधकाम विभाग द्वारा अब तक 10 शिकायतों पर कार्रवाई की गई है. वहीं शेष 22 शिकायतों पर नगर रचना विभाग द्वारा सर्वेक्षण किया जा रहा है. इसके अलावा संबंधितों से कागजपत्र मंगाए गए है.

    इन क्षेत्रों के अतिक्रमण पर कौन ध्यान देगा?

    शहर के हर एक क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या ने गंभीर रूप धारण किया है. इसमें बाजार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है. विशेष बात यह है कि शहर के बाजार क्षेत्र में दुकानदारों ने मार्गो पर अतिक्रमण किया है. पहले ही बाजार क्षेत्र के मार्ग सकरे है. उसमें दुकानदार अपने दुकान का सामान मार्ग पर रखते है. इस बात को स्वयं पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे ने महसूस किया  व  कार्रवाई के निर्देश दिए. 

    अतिक्रमण हटाने 9 लोगों की टीम

    जिला मुख्यालय में अतिक्रमण हटाने के लिए नप के माध्यम से 9 लोगों की टीम गठित की गई है. इसमें नप अभियंता, उप अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, 2 सहायक नगर रचनाकार, 1 विद्युत अभियंता, 2 स्वास्थ्य निरीक्षक व 1 समय पाल का समावेश है.

    अतिक्रमण की 32 शिकायत

    शहर के चारों ओर मार्ग पर मार्ग के बाजू में फुटपाथ पर अतिक्रमण दिखाई देता है. जिससे मार्ग पर यातायात करने वाले नागरिकों को समस्या होती है. इसके लिए नप बांधकाम विभाग को जनवरी से अब तक 32 शिकायतें मिली हैं. इसमें आपसी विवाद, मार्ग व नाली पर अतिक्रमण, टपरी आदि प्रकार है.

    इसी तरह इमारत निर्माण की भी नगर रचना विभाग में शिकायत है. इस संबंध में नप के मुख्याधिकारी करण चव्हान ने बताया कि शहर के अतिक्रमण को लेकर नप द्वारा नियमित कार्रवाई शुरू है. इसके अलावा शिकायतों पर प्रक्रिया शुरू है. उन पर भी कार्रवाई की जाएगी. जिससे कोई भी अतिक्रमण न करें क्योंकि कार्रवाई निश्चित की जाएगी.