अहमदाबाद मंडल ने रचा भारतीय रेलवे पर सर्वाधिक दूध लदान का कीर्तिमान

  • इस वर्ष अब तक 10 करोड़ लीटर से भी अधिक दूध का किया ट्रांसपोर्टेशन

मुंबई. पश्चिम रेलवे (Western Railway) के अहमदाबाद मंडल (Ahmedabad Division) ने वर्ष 2020-21 में भारतीय रेलवे (Indian Railway) पर अब तक की सबसे अधिक  मिल्क स्पेशल ट्रेनों (Milk special trains) परिचालन कर 10.06 करोड़ लीटर दूध का सर्वाधिक लदान करने का  शानदार कीर्तिमान स्थापित किया है.

132 दुग्ध स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि पश्चिम रेलवे ने विशेष पार्सल गाड़ियों को चलाकर कोविड-19 महामारी के दौरान अत्यावश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति लगातार जारी रखी है. ऐसी कठिनतम परिस्थितियों में भी पश्चिम रेलवे द्वारा पालनपुर से हिंद टर्मिनल (पलवल) तक 132 दुग्ध स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं. 2019-20 में 110 रेक चलाकर 7.47 करोड़ लीटर दूध का लदान किया गया था, जबकि इस वर्ष 2020-21 के दौरान दूध की लोडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और इस वर्ष अब तक 10 करोड़ लीटर से भी अधिक दूध ले जाने वाली 132 रेकों का परिचालन सुनिश्चित किया गया है, जो भारतीय रेलवे पर एक नया रिकॉर्ड है. इसके साथ ही अहमदाबाद डिविजन ने 17.44 करोड़ रुपये की आय अर्जित करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जो कि पिछले वर्ष के 12.39 करोड़ रु के राजस्व की तुलना में 5 करोड़ रुपये अधिक है.

कठिनतम चुनौतियों में भी जारी रहा काम

ठाकुर ने बताया कि सम्पूर्ण लॉकडाउन की विपरीत परिस्थितियों और कठिनतम चुनौतियों के बावजूद 22 मार्च से 18 दिसम्बर, 2020 तक की अवधि के दौरान 55.04 मिलियन टन अत्यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा माल गाड़ियों के कुल 25,009 रेकों का इस्तेमाल किया गया. कुल 50,466 माल गाड़ियों को अन्य ज़ोनल रेलों के साथ इंटरचेंज किया गया, जिनमें विभिन्न इंटरचेंज पॉइंटों पर 25,243 गाड़ियों को हैंड ओवर किया गया, जबकि 25,223 गाड़ियों को टेक ओवर किया गया.

लॉकडाउन से अब तक 763 पार्सल विशेष ट्रेनें

 23 मार्च से 18 दिसम्बर, 2020 तक पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 763 पार्सल विशेष गाड़ियों के ज़रिये 2.05 लाख टन से अधिक वजन की वस्तुओं का परिवहन किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से कृषि उत्पाद, दवाइयाँ, मछली तथा दूध आदि शामिल थे. इस परिवहन के ज़रिये लगभग 69.91 करोड़ रु. का राजस्व प्राप्त हुआ. इस अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे द्वारा वैगन की शत-प्रतिशत उपयोगिता सहित लगभग 1.02 लाख टन भार के साथ 137 मिल्क स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं. इसी प्रकार विविध अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन हेतु 62,900 टन से अधिक भार सहित 536 कोविड-19 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं.

2000 टन के वजन सहित 9 किसान रेलें भी चली  

इनके अलावा, 81 इंडेंटेड रेकों को भी लगभग 36,400 टन वजन के साथ वैगनों की शत-प्रतिशत उपयोगिता सहित चलाया गया. साथ ही अभी तक लगभग 2000 टन के वजन सहित 9 किसान रेलें भी चलाई गईं हैं. 19 दिसम्बर, 2020 को पश्चिम रेलवे के स्टेशनों से कुल तीन पार्सल विशेष ट्रेनें रवाना हुई, जिनमें बांद्रा टर्मिनस से जम्मू तवी के लिए और पोरबंदर से शालीमार के लिए चली विशेष ट्रेनों के अलावा रतलाम से न्यू गुवाहाटी के लिए चली एक किसान रेल भी शामिल हैं.