The city's first animal electric incinerator will start in Mumbai, plans to set up an area of 2500 sq.

मुंबई. मुंबई महानगरपालिका ने इस वर्ष मुंबई की जर्जर हो चुकी 443 इमारतों को खतरनाक घोषित किया है. बीएमसी प्रति वर्ष मानसून से पहले जर्जर इमारतों का सर्वे कर उनकी सूची जारी करती है इसमें निजी और सरकारी इमारतों को शामिल करती है. जिन इमारतों को खतरनाक पाया जाता है वहां के निवासियों को इमारत खाली करने का नोटिस बीएमसी नोटिस भेजती है. 

 इस वर्ष 443 इमारतें खतरनाक

इस वर्ष 433 खतरनाक इमारतों में सबसे ज्यादा 56 इमारतें  घाटकोपर के एन वार्ड में पाईं गई हैं. वर्ष 2018-19 में 619 इमारतों को अति खतरनाक  इमारतों की श्रेणी में रखा गया था. वर्ष 2019-20 में 499 अति खतरनाक घोषित की गई थी. पिछले दो वर्षो की तुलना में खतरनाक इमारतों की संख्या में 176 इमारतें कम हुई हैं. एक स्थान पर सबसे अधिक 25 खतरनाक इमारतें सायन के जीटीबी नगर में हैं. पाकिस्तान से आये विस्थापितों के लिए बनाई गई इमारतें एक दशक से भी ज्यादा समय से खतरनाक घोषित की जाती हैं, लेकिन अभी तक इन इमारतों का पुनर्निर्माण नहीं किया जा सका है. अन्य वार्डो में भी खतरनाक इमारतें हैं, लेकिन इन वार्डो में सबसे ज्यादा खतरनाक इमारतें हैं.

विभाग वार खतरनाक इमारतों की सूची

एन विभाग – घाटकोपर  52

एच/वेस्ट – बांद्रा पश्चिम  51

टी वार्ड  – मुलुंड  49

के/पश्चिम -अंधेरी व जोगेश्वरी पश्चिम  37

के/पूर्व -अंधेरी व जोगेश्वरी पूर्व  31

पी/उत्तर – मालाड 28

एच पूर्व-   बांद्रा पूर्व 27