निर्माणाधीन कलमना पुल ढहने का मामला; NHAI पर फूटा शिवसेना, राकां का गुस्सा

    • निकाला मोर्चा, घटना की जांच के आदेश

    नागपुर. गत रात ओल्ड पारडी नाके से चिखली के बीच निर्माणाधीन ओवरब्रिज का एक हिस्सा ढहने के मामले में बुधवार को गहमागहमी का माहौल रहा. इस ब्रिज के निर्माण का काम नेशनल हाईवे एथारिटी ऑफ इंडिया ने जीडीसीएल कम्पनी को सौंपा है. ऐसे में घटिया निर्माण और त्रुटियों के खिलाफ शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एनएचएआई के खिलाफ मोर्चा निकाला. वहीं, एनएचएआई कार्यालय में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई ने तुरंत ही घटना की जांच के लिए कमेटी तैयार करने के आदेश जारी कर दिये. ज्ञात हो कि गत रात करीब 9.10 बजे उक्त रोड पर सरजा बार के सामने 2 पिल्लरों के बीच का हिस्सा एक तरफ से सरककर सीधे सड़क पर गिर गया. हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई. 

    भाजपा के कामों की खुलीं पोल 

    शिवसेना की ओर से विधायक दुष्यंत चतुर्वेदी व प्रमोद मानमोडे के मार्गदर्शन एचबी टाउन चौक में तीव्र आंदोलन किया गया. इस दौरान भाजपा सरकार, केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और ठेकेदार कम्पनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. शहर प्रमुख नितिन तिवारी ने कहा कि कलमना पुल ने भाजपा शासन में हो रहे निर्माण कार्यों की पोल खोल दी है. इस पुल का भूमिपूजन स्वयं पीएम मोदी ने 2014 में किया था. निर्माण 2019 में पूरा होना था लेकिन कम्पनी की मनमानी में 2021 तक भी पूरा नहीं किया जा सका. जितना काम किया, उसकी क्वालिटी भी नजर आ गई. तिवारी ने आरोप लगाया कि जीडीसीएल को स्थानीय विधायक कृष्णा खोपड़े का संरक्षण मिला है. इसलिए कम्पनी अपनी मनमानी कर रही है और लेटलतीफी से जनता को परेशान कर उसकी जान से खिलवाड़ हो रहा है. 

    स्ट्रक्चरल ऑडिट होना ही चाहिए

    तिवारी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में बनी सीमेंट सड़कें, पुल निम्नस्तर के होने के कारण इनमें खुलेआम भ्रष्टाचार नजर आ रहा है. ५० से १०० वर्ष की जगह ये सड़कें काम पूरा होने के पहले ही दम तोड़ रही है. भट्ट सभागृह के सामने व इनर रिंग रोड की सीमेंट सड़कें इसका जीता जागता उदाहरण है.जनता के टैक्स का पैसा ठेकेदारों और नेताओं के जेब में जाने का आरोप लगाते हुए तिवारी ने कम्पनी के कार्यों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग की. इस दौरान नितिन तिवारी के अलावा दीपक कापसे, मुन्ना तिवारी, अंगद हिरोंदे, हरीश रामटेके, अंकुश भोवते, मंगला गवरे, सुरेश साखरे, किशोर पराते, हितेश यादव,रामचरण दुबे समेत बड़ी संख्या में शिवसैनिकों की उपस्थिति रही. 

    गडकरी से मांगा इस्तीफा

    उधर शहर अध्यक्ष दुनेश्वर पेठे और प्रशांत पवार के नेतृत्व में राकां कार्यकर्ता मोर्चा निकालते हुए सिविल लाइन्स स्थित एनएचएआई कार्यालय पहुंचे. पेठे ने कहा कि कलमना ओवरब्रिज के निकृष्ट काम की जिम्मेदारी लेते हुए केन्द्रीय सड़क व परिवहन मंत्री गडकरी ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए. साथ ही एनएचएआई के क्षेत्रीय विभागीय प्रबंधक राजीव अग्रवाल को बर्खास्त करना चाहिए. सारी घटना की थर्ड पार्टी ऑडिट होना चाहिए. इस दौरान गुलशन मुनीश्वर, नूतन रेवतकर, राजेश पाटिल, अश्विन जवेरी, सुशांत पाली, रिजवान अंसारी, राजेश माटे समेत बड़ी संख्या में राकां कार्यकर्ता मौजूद रहे. 

    पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

    उधर घटना के बाद से ही बुधवार को शिवसेना और राकां द्वारा आंदोलन की तैयारियों के बीच शहर पुलिस ने कमर कस ली थी. सुबह से ही एनएचएआई ऑफिस के बाहर बैरिकेड्स लगाकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया. राकां का मोर्चा पहुचंते ही नेताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर भीतर प्रवेश करना चाहा. इस दौरान पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. हालांकि पुलिस अधिकारियों की समझाइश और चर्चा के बाद राकां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांति अपनाई.