Waste flowing water from drains

  • मिन्नतें करने के बाद भी वार्ड नंबर 4 के निवासियों की नहीं हो रही सुनवाई

नागपुर. खरबी का वार्ड-4 आज भी मूलभूत समस्याओं के लिए तरस रहा है. लोगों को आज भी सड़क, नाली और स्वच्छ पानी जैसी सुविधाओं के लिए नेताओं की राह देखनी पड़ रही है. मिन्नतें भी करनी पड़ रही है लेकिन हल कुछ भी नहीं निकल रहा है. लोगों ने बताया कि कुछ वर्षों से खरबी वार्ड-नंबर 4 में  एकतानगर, रोशनबाग, बाबा ताजनगर, मिलननगर, मानव शक्तिनगर, भवानीनगर, सुंदरनगर, रामनगर, न्यू संगमनगर, गंगा लेआउट समेत इन क्षेत्रों के लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है.

वहीं पक्की सड़कें, गडर, सिवर लाइन और नालियों के अभाव में बहादुरा गांव निवासी बहुत ही ज्यादा त्रस्त हो चुके हैं. बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं. हर बार आश्वासन देकर सरपंच और सदस्य चले जाते हैं. इस मुद्दे को हमेशा भुला दिया जाता हैं. एकतानगर निवासी अंसार शेख ने बताया कि उन्होंने ग्रामपंचायत से लेकर पंचायत समिति में बार-बार समस्याओं की शिकायत की अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है.

चंदाकर बनाएंगे रास्ता

लोगों का कहना हैं कि समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं है. लोग चंदा जमा करके रास्ता बनाने पर मजबूर हैं. लेकिन कच्चे रोड, गड्ढे, कीचड़, हर जगह पानी जमा रहना, रस्तों पर जंगली घास, कचरा निकासी न होना इन सभी समस्याओं की प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा हैं. ग्राम पंचायत सदस्यों को समस्या बताओ तो वे घर के गंदे पानी के लिए घर के पास ही गड्ढा करने की सलाह देते हैं. यह गंदा पानी दूसरों के घर के सामने जाने से लोगों के एक दूसरे से आए दिन वाद-विवाद होते रहते हैं.

बारिश का पानी घुस रहा घरों में

रहवासी सलीम शेख के खुले भूखंडों के आसपास बढ़ती घासों के कारण शाम में सांप बिच्छू निकलने की घटनाएं आम हो गई हैं. शाम को बच्चे खेलने के लिए बाहर निकलने से घबराते हैं. बारिश और बस्ती के घरों के बाहर के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से चारों ओर गंदगी फैली हुई है. इससे उन इलाकों में मच्छरों, कीड़ों का आतंक बस्ती में डेंगू, मलेरिया, पीलिया जैसे जानलेवा बीमारियों का भी खतरा फैला हुआ है.

समाधान निकालने की अपील

समस्याओं से परेशान नागरिकों ने कहा हैं कि जल्द से जल्द शासन-प्रशासन को इन समस्याओं को दूर करना होगा. अन्यथा जन आंदोलन जैसी स्थिति भी बन सकती है. प्रभाकर पिंपले ने सरपंच गायधने से भी बात की. जिस पर उन्होंने कहा कि खाली प्लॉटों पर हम बोर्ड लगवा कर मलबा डलवाएंगे. वह भी अब तक नहीं हो पाया. पीड़ित नागरिकों में अंसार शेख, शेख रफीक, शेख रऊफ, संतोष, नीता गौतम, जावेद शेख, भगवान आकरे, गोपाल, रुस्तम अली शेख आदि शामिल हैं.