कपास बिक्री के लिए पंजीकरण शुरू

  • पहले ही दिन बड़ी संख्या में पहुंचे किसान

अमलनेर. अत्यंत पारदर्शिता से कपास बिक्री (Cotton sale) के लिए किसानों का नाम पंजीकरण (Registration) अमलनेर (Amalner) में शुरू हो हुआ है। पहले ही दिन पंजीकरण (Registration)  के भारी संख्या में किसान (Farmer) पहुंचे। मार्केट परिसर स्थित इस केंद्र पर सवेरे 5.30 बजे से ही भीड़ देखी गयी। कपास की खरीद के लिए, आधार कार्ड जेरॉक्स, बैंक पासबुक ज़ेरॉक्स और खसरे पर मोबाइल नंबर डालना आवश्यक है।

वर्ष २०२०-२०२१ का खसरा लगाना होगा। शुक्रवार को सुबह 8।30 बजे विधायक अनिल भाईदास पाटिल ने मार्केट कमेटी के परिसर में कपास नाम पंजीकरण केंद्र का दौरा किया। इस अवसर पर किसान कांग्रेस के तालुका अध्यक्ष सुभाष पाटिल, तहसील कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गोकुल बोरसे मार्केट कमेटी के प्रशासक गुलाबराव पाटिल आदि उपस्थित थे।

पारदर्शी है पंजीकरण प्रक्रिया

शुक्रवार सुबह, मार्केट कमेटी और मार्केटिंग फेडरेशन के कर्मचारियों ने किसानों को पंजीकरण रजिस्टर दिखाकर नाम पंजीकरण करना शुरू किया। ताकि किसान समझ सकें कि पंजीकरण प्रक्रिया पारदर्शी चल रही है। पंजीकरण के दौरान सभी किसानों को कतार में पंजीकरण करना होगा।जिनके नाम पंजीबद्ध हुए हैं उनका कपास खरीदा जाएगा।कपास खरीदी के दौरान किसी भी सामान्य किसान के साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा। ऐसा आश्वासन विधायक पाटिल ने किसानों को दिया।

व्यापारियों को न दें जरूरी कागजात

किसानों को भी अपना 7/12 खसरा और आवश्यक कागजात व्यापारियों को नहीं देना चाहिए। व्यापारी ज्यादा आय दिखाएंगे। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ता है। किसानों को हमेशा होशियारी के साथ ही काम करना चाहिये।ऐसी जानकारी यहां सुभाष पाटिल ने दी।कृषि मंडी में सटीक टोलमाप होगी। इसके साथ ही व्यवहार में भी पारदर्शिता रहेगी।जिसका फायदा किसानों को होगा।

बोर्ड पर अंकित होंगे किसानों के नाम

सोमवार से पंजीकृत किसानों के नाम माप के लिए बाजार समिति के बोर्ड पर जाहिर तौर से लिखे जाएंगे। इसके साथ ही डिस्प्ले पर भी प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही सोमवार से कपास खरीदी काम शुरू हो जाएगा। ऐसी जानकारी प्रशासक और सहायक रजिस्ट्रार गुलाबराव पाटिल ने दी।