हम अजीत दादा के साथ कहते हुए पिंपरी में NCP का आंदोलन

    पिंपरी. ईडी (ED) और आईटी विभाग (IT Department) ने राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) के करीबियों के घरों औत दफ्तरों में छापेमारी शुरू की है। इसे भाजपा (BJP) की राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की पिंपरी-चिंचवड़ शहर इकाई की ओर से शुक्रवार को पिंपरी चौक में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के पास प्रदर्शन आंदोलन (Protest) किया गया। इस दौरान ‘हम अजीतदादा के साथ हैं’ का नारा बुलंद करते हुए एनसीपी के कार्यकार्ताओं ने ‘भाजपा हमसे डरती है ईडी को आगे करती है’ जैसे नारे लगाए।

    देश भर में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति में वृद्धि की है। बढ़ती महंगाई से देश भर के नागरिक केंद्र सरकार से असंतुष्ट हैं। दिल्ली में किसानों के आंदोलन के दौरान वाहनों की चपेट में आकर उनकी कुचलकर हत्या कर दी गई। इससे पूरे देश में किसानों और सभी आम नागरिकों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। मीडिया को इस ओर ध्यान देने से रोकने के लिए उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के रिश्तेदारों के घरों और कार्यालयों पर ईडी और आईटी छापे मारे गए। 

    कार्रवाई लोगों का ध्यान भटकाने की राजनीतिक साजिश

    पिंपरी-चिंचवड़ शहर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष संजोग वाघेरे पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा की गई कार्रवाई लोगों का ध्यान भटकाने की राजनीतिक साजिश है। इस दौरान विधायक आण्णा बनसोडे ने कहा कि भाजपा के मौजूदा और पूर्व मंत्रियों के भी चीनी कारखाने और अन्य उद्योग और व्यवसाय हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रगतिशील महाराष्ट्र में औद्योगिक और सामाजिक क्रांति लाने वाले जन नेता शरद पवार ने लखीमपुर में किसानों के आंदोलन पर टिप्पणी की। उसका बदला लेने के लिए केंद्र सरकार की ईडी और आईटी ने कार्रवाई की है। 

    केंद्र की आलोचना

    कार्रवाई को लेकर केंद्र की आलोचना करते हुए पूर्व विधायक विलास लांडे ने कहा कि केंद्र की ईडी और आईटी इस तरह काम कर रही है जैसे मोदी और शाह उनके घर के नौकर हों। शरद पवार और अजीत पवार राजनीति के माध्यम से सामाजिक कार्य कैसे करें, इसके आदर्श हैं। विलास लांडे ने केंद्र सरकार का खुलकर विरोध करते हुए कहा कि उनके परिवार के सदस्यों को परेशान करके महाराष्ट्र में राजनीति को बाधित करने के लिए यह भाजपा की एक सोची समझी चाल है।

    आंदोलन में ये लोग रहे शामिल

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शहराध्यक्ष संजोग वाघेरे के नेतृत्व में किए गए इस आंदोलन में विपक्षी नेता राजू मिसाल, वरिष्ठ नगरसेवक नाना काटे, विनोद नढे, राहुल भोसले, भाऊसाहेब भोईर, महिला शहराध्यक्षा वैशाली कालभोर, शहर कार्याध्यक्ष प्रशांत शितोले, पूर्व महापौर योगेश बहल, अपर्णा डोके, मंगला कदम, डॉ. वैशाली घोडेकर, युवक शहराध्यक्ष विशाल वाकडकर, युवक प्रदेश कार्याध्यक्ष रविकांत वरपे, प्रदेश सरचिटणीस विशाल कालभोर, अजीत गव्हाणे, अतुल शितोले, मोरेश्वर भोंडवे, अनुराधा गोफणे, पौर्णिमा सोनवणे, निकीता कदम, पंकज भालेकर, राजू बनसोडे, सुलक्षणा धर, संगिता ताम्हाणे, पूर्व उपमहापौर मोहम्मद पानसरे, विश्रांती पाडाले, शमिम पठाण, अरुण बो-हाडे, संदिप चिंचवडे, सन्नी ओव्हाल, राजेंद्र जगताप, शाम जगताप, श्रीधर वाल्हेकर, प्रसाद शेट्टी, संजय वाबले, शकुंतला भाट, जगन्नाथ साबले, कालुराम पवार, माऊली सुर्यवंशी, राजेंद्र सालुंखे, तानाजी खाडे, विजय लोखंडे, फझल शेख, युवती शहराध्यक्षा वर्षा जगताप, विनोद कांबले, गंगा धेंडे, माधव पाटील, अरुण पवार, कविता खराडे, पुष्पाताई शेलके, ज्योती गोफणे, मेधा पलशीकर, आशा शिंदे, सविता धुमाल, संगिता कोकणे, उज्ज्वला ढोरे, वैशाली पवार, अमरसिंह आदियाल, तानाजी जवलकर, देविदास गोफणे, तुकाराम बजबलकर, दिपक साकोरे आदि शामिल हुए।