एसटी कर्मचारियों के लिए अंत तक लड़ेंगे: विधायक महेश लांडगे

    पिंपरी: राज्य में महाविकास अघाड़ी सरकार महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (ST) के कर्मचारियों की सुध लेने के लिए तैयार नहीं है। जब तक धरना-प्रदर्शन (Protest) कर रहे कर्मचारियों (Employees) की मांगें पूरी नहीं हो जाती, हम मैदान नहीं छोड़ेंगे। मैं खुद एक मजदूर का बेटा हूं, इसलिए हम एसटी कर्मचारियों के लिए अंत तक लड़ेंगे। यह एलान भाजपा (BJP) के पिंपरी-चिंचवड़ शहर अध्यक्ष और विधायक महेश (MLA Mahesh Landge) लांडगे ने दिया।

    सातारा एसटी डिपो के चालक संतोष वसंत शिंदे (असगांव) पिछले पांच दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं।  उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके परिवार में 2 बच्चे, पत्नी और माता-पिता हैं। शिंदे परिवार तबाह हो गया है क्योंकि परिवार के कर्ता पुरुष का निधन हो गया है। विधायक महेश लांडगे ने सवाल उठाया है कि अब तक 38 एसटी कार्यकर्ताओं की जान जा चुकी है और कितनी जान गंवाने के बाद राज्य सरकार की नींद टूटेगी।

    आजाद मैदान में एसटी कर्मचारियों से विधायक लांडगे ने  मुलाकात की

    महाराष्ट्र परिवहन निगम (एसटी) का सरकार में विलय होना चाहिए। इस मांग को लेकर राज्य में एसटी कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन बंद शुरू कर दिया है। मुंबई के आजाद मैदान में एसटी कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारी एसटी कर्मचारियों की अगुवाई विधान परिषद विधायक गोपीचंद पडलकर और पूर्व मंत्री सदाभाऊ खोत कर रहे हैं। इस बीच, भाजपा के शहर अध्यक्ष और विधायक महेश लांडगे ने आजाद मैदान में एसटी कर्मचारियों से मुलाकात की। साथ ही, आंदोलन को समर्थन देकर उनकी मांग पूरी होने तक लड़ने के लिए प्रतिबद्धता जताई।

    महापौर, उपमहापौर ने जानी एसटी कर्मियों की व्यथा

    इस बीच, राज्य सरकार में विलय समेत विभिन्न मांगों के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे पिंपरी-चिंचवड़ के एसटी कर्मचारियों से मिलकर महापौर उषा ढोरे और उपमहापौर हीराबाई घुले ने उनका हालचाल और उनकी व्यथा जानी। उन्होंने पिंपरी के वल्लभनगर डिपो का दौरा किया और आंदोलन को अपना समर्थन व्यक्त किया क्योंकि महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (एसटी) की राज्यव्यापी हड़ताल शुरू हो गई है, जो पूरे महाराष्ट्र राज्य की जीवन रेखा है।

    राज्य सरकार मांगों को सहानुभूतिपूर्वक विचार करें

    महापौर ने कहा कि एस टी आंदोलनकारियों ने अल्प वेतन, भत्ते, अपर्याप्त सुविधाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी और ड्यूटी के दौरान असुविधाओं जैसे विभिन्न मुद्दों का हवाला देते हुए महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम के महाराष्ट्र सरकार के साथ विलय की मांग की। प्रशासन को एसटी कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए। उपमहापौर हीराबाई घुले ने कहा कि महाराष्ट्र की लालपरी कहे जानेवाले एसटी में लगे ग्रहण को जल्द समाप्त करना चाहिए और आम जनता को परिवहन में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए राज्य में सड़कों पर एसटी की यातायात जल्द से जल्द सुचारू होना चाहिए।