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    वर्धा. अंबिया बार में जिले के संतरा उत्पादकों को अच्छा उत्पादन मिला़ परंतु अब खरीदार न मिलने से किसानों का टेंशन बढ़ गया है़  बीच के दिनों में मौसम की मार भी संतरे पर देखने मिली़ परिणामवश व्यापारियों ने भाव काफी गिरा दिए है़ मजबूरन किसानों को कौड़ियों के दाम संतरा बेचना पड़ रहा है.

    किसानों का लागत खर्च भी न निकलने से जिले के संतरा उत्पादन किसान आर्थिक संकट से घिर गए है़ जिले के आष्टी, आर्वी, कारंजा व वर्धा तहसील के कुछ हिस्सो में बड़े पैमाने पर संतरे का उत्पादन किसान लेते है़ अमरावती जिले की सीमा से यह परिसर लगा होने से किसानों को मार्केट भी उपलब्ध होता है़  अमरावती जिले के साथ साथ वर्धा जिले में भी अंबिया बार अच्छा रहा़  बगीचा में संतरे के फल भी अच्छे लगे़  परंतु अतिवृष्टि व बदलते मौसम का असर फसल पर देखने मिला.

    प्रति ट्रे मिल रहा 250 से 300 रु. 

    कुछ ठिकानों पर संतरे अधिक पिले गिरने से किसानों को चिंता खायी जा रही थी़  इस स्थिति में मार्केट में संतरे की मांग भी तेजी से घटी़  इस कारण किसानों को संतरे के लिए खरीदार हीं नहीं मिल रहा है़  जो व्यापारी आ रहे वे अत्यंत कम दाम में संतरे की खरीदारी कर रहे है़  वर्तमान में बाजार में संतरा प्रति ट्रे 250 से 300 रुपये में मिला रहा है़  वहीं इसकी कीमत 450 से 500 रुपए प्रति ट्रे होनी चाहिए थी़  परंतु ऐसा नहीं हो रहा है. 

    पेड़ पर ही संतरे पीले पड़कर गिर रहे 

    किसानों ने बड़ी मशक्कत व मेहनत से संतरे का उत्पादन लिया़  इसके लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़े. परंतु वर्तमान स्थिति यह है कि किसानों को कौड़ियों के दाम संतरा बेचना पड़ रहा है़  लागत खर्च भी न निकलने से लाखो रुपयों का नुकसान हो रहा है़  इससे किसानों का टेंशन बढ़ते जा रहा है. इन दिनों पेड़ों को बड़ी संख्या में फल लगे हुए है़ं  परंतु मौसम का असर संतरे पर दिखाई दे रहा है. खरीदार न मिलने से पेड़ पर ही संतरे पीले पड़कर सड़गल रहे है़  इसमें किसानों का भारी नुकसान हो रहा है.