Encroachment, aarvi, wardha

    आर्वी (सं). बढ़ते अतिक्रमण से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शहर के नेहरु मार्केट में परिवार को लगने वाले हर साजों-सामान की दूकानें है. शहर के नेहरु मार्केट में अनाज, सब्जी, स्टेशनरी, होटल, इलेक्ट्रानिक्स की दूकानें है. किंतु नगर परिषद की उदासीनता की वजह से अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है, जिससे आर्वीवासी त्रस्त हो गए हैं. नेहरु मार्केट से आगे इंदिरा चौक में ट्रक एक समय आना जाना किया करते थे. फिर आज यह हालत है कि दुपहिया वाहन भी आना जाना नहीं कर पाते. दूकानदारों ने अपनी दूकान के सामने 3 फीट के ओटे डालकर उस पर सामान रखना शुरू कर दिया है.

    दोनों तरफ की दूकानें संकरी हो गई है

    दोनों तरफ दूकानें होने से 3+3-6 फीट का रोड वैसे ही सिकुड गया है. कुछ दूकानदार इससे आगे भी सामान रखने लगे है. फलस्वरूप साप्ताहिक बाजार के दिन, अन्य समय त्योहारों के समय पैदल भी चलना मुश्किल हो गया है. अनेक बार दूकानदारों में तू-तू, मैं-मैं भी होती है. अनेक ग्राहक भी दूकानों के सामने दुपहिया वाहन खड़े रखकर सामान खरीदी करते हैं, जिससे आने हा मार्ग हो बंद हो जाता है. दूसरी दुपहिया वाहन वहां से निकल नहीं पाती. महिलाओं का यहां से गुजरना भी मुश्किल काम है. 

    फुटपाथ तथा बंडियों पर लग रही अनेक दूकानें 

    सब्जी की अनेक दूकानें फुटपाथ तथा बंडियों पर लगने लगी है. फलस्वरुप ग्राहक नेहरु मार्केट में न जाकर रास्तों पर ही सब्जियां खरीदने लगे हैं. फिर भी इन दूकानदारों की आंखें नहीं खुल रही है. नेहरु मार्केट की अनेक गलियां ही दिखाई नहीं देती है. मेन रोड शिवाजी चौक से गांधी चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर बंडीवालों की भीड़ लगी रहती है. इस ओर नप प्रशासन से ध्यान देने की मांग नागरिकों ने की है.