Protest
Representational Pic

    सेलू (सं). प्रशासन व सरकार की अनदेखी के चलते मजबूर हुए धानोली गावंडे के ग्रामीण अब आक्रामक भूमिका लेते हुए मंगलवार को जलसमधि लेने की चेतावनी दी थी. परिणामवश विधायक पंकज भोयर ने गाव जाकर ग्रामीणों के साथ चर्चा की थी. इसके बाद जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार ने ग्रामीणों की सभी समस्या 6 माह के भीतर हल करने का लिखित आश्वासन देने के कारण आंदोलन रद्द किए जाने की जानकारी स्वप्नील भोयर ने दी.

    धानोली गावंडे के ग्रामीण गत कुछ वर्षों से विविध समस्याओं का सामना कर रहे हैं. गत पांच वर्षों पूर्व धानोली से जुवाडी व धानोली से खैरी यह मुख्य जोड़ मार्ग तथा नदी का पुल बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुआ. ग्रामीणों के आवागमन का यही एक मार्ग है. परंतु अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया.

    जलसमाधि लेने की दी थी चेतावनी 

    गांव में पेयजल के लिए जलापूर्ति योजना का कुआं गत सात वर्षों से विविध कारण बताकर नामंजूर किया जा रहा है. नदी का पुल बाढ़ से क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों का आवागमन अवरूद्ध हो गया है. स्वास्थ्य सुविधा के संदर्भ में भी हो रही अनदेखी से ग्रामीण में रोष है. अनेक वर्षों से गांव व परिसर की समस्या सुलझाने शासन अनदेखी कर रहा है. इन सभी समस्याओं की ओर बार-बार हो रही अनदेखी से ग्रामीण त्रस्त है. इससे शासन व प्रशासन का ध्यानाकर्षण करने के लिये ग्रामीणों ने 28 सितंबर को सुबह जलसमाधि आंदोलन करने की चेतावनी दी थी. 

    अमल नहीं करने पर फिर करेंगे आंदोलन  

    नागरिकों के आंदोलन की दखल लेते हुए विधायक पंकज भोयर धानोली व जुवाडी में जाकर पुल का निरीक्षण कर नागरिकों से चर्चा की थी. तत्पश्चात जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार ने ग्रामीण के साथ चर्चा की. चर्चा में जिलाधिकारी ने 6 माह के भीतर सभी समस्या चरणबद्ध तरीके से हल करने का लिखित आश्वासन दिया. स्वप्नील भोयर ने बताया कि पुल की मरम्मत करने के साथ अन्य समस्या हल करने का आश्वासन दिया गया है. किंतु निर्धारित समय में आश्वासन पूर्ण नहीं किया गया तो तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है.