नदी के उफान के बाद जमीन धंसी, नदी के पानी से घर बह गए

    • प्रशासनिक लापरवाही से नुकसान का आरोप

    यवतमाल. मुसलाधार बारिश के कारण नदी में उफान आने के बाद नदी तट की जमीन धंस जाने से तीन लोगों के मकान नदी के पाणी से ढह गए. प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरते जाने से इन घरों को नुकसान होने का आरोप क्षेत्र के निवासीयों ने लगाया है.

    पुसद शहर के पुसद नदी तट पर वॉटर सप्लाय परिसर में नदी तट पर यह घटना आज 26 सितंबर की सुबह हुई.नदी में जल के बहाव की चपेट में आए मनोज तुंडलायत इस गरीब कलाकार ने घर गंवा दिया, उसका पुसद नदी के पट पर घर बना था, पुसद नगरपालिका की लापरवाही से इस तरह का संकट विठाला के मैनानगर निवासी नागरिकों को भी झेलना पडा है.

    बिते सआठ दिनों से लगातार हो रही बारिश से नदी में बाढ जैसी स्थिती है, जिससे नदी का प्रवाह बढ चुका है, पुसद बांध इससे पहले पुरी तरह भर जाने से उससे जल छोडा जा रहा है.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पुसद नदी के पट पर बने बांध की पटटीयां न निकालने जाने और यहां पर बाढ सुरक्षा दिवार न होने से नदी में आए उफान के कारण नागरिकों पर संकट आया. इस घटना में मनोज तुंडलायत के घर को नदी के प्रवाह ने बहा दिया,जबकी रफिक नामक व्यक्ती का घर भी पानी में बह गया.तुंडलायत के घर का सारा सामान नदी के जल में बहने से उसे काफी नुकसान हुआ.

    इस घटना के बाद पुसद नदी में वाटर सप्लाय द्वारा सामने बना बांध न खोले जाने से घर बह गया, एैसा आरोप मनोज तुंडलायत ने लगाया, घर का सारा सामान पटटीयों से बंधा होने से घर बहकर उसे चार लाख रुपयों का नुकसार हुआ. प्रशासन द्वारा यह बांध तात्काल खोलें अन्यथा अन्य मकानों को भी खतरा निर्माण हो सकता है, एैसी सुचना प्रशासन को दी गयी है.