यवतमाल जिले को गीला सूखा घोषित कर मुआवजे की मांग की

    • माकपा और किसान सभा ने 
    • अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से  मुख्यमंत्री को ज्ञापन

    वणी. इस साल भारी बारिश के कारण जिले के किसानों की रोजी-रोटी छिन गई है और कपास, सोयाबीन, अरहर और सब्जियां नष्ट हो गई हैं. भारी बारिश और लगातार बारिश ने  इस वर्ष किसानों के हाथ में आनेवाली फसल भी छिन ली है, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और किसान सभा की ओर से उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन दिया गया है.

    सरकार ने इस साल फसल की स्थिति खराब होने पर 60 प्रतिशत से अधिक फसल की उपज दिखाकर किसानों को चौंका दिया है और उन्हें मदद से वंचित करने की नीति अपनाई है. इसलिए सरकार को फसल का अंत देखे बिना गीला अकाल घोषित करके किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए. सभी किसानों के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं है और सभी किसान इन मामलों को नहीं समझते हैं.

    वितरण की व्यवस्था तुरंत लागू की जानी चाहिए, किसानों को होना चाहिए बैठक की ओर से किसान सम्मान निधि योजना कंपनी में कई किसानों का नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें किसान सम्मान निधि से वंचित है, ऐसे किसानों को सम्मान निधि का लाभ देने, पगडंडी मार्ग सुचारू कर शिकायतों का निपटारा करें, कपास व सोयाबीन उचित गैरंटीमूल्य से खरीदी करने की व्यवस्था आदि मांगों को ज्ञापन माकप व किसान सभा की ओर से कॉमरेड शंकर दानव, कुमार मोहरमपुरी, दिलीप परचाके, सुरेश शेंडे, मनोज काले, सुदर्शन पंधरे, गुलाब परचाके, सचिन डांगे आदि ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है.