कोर्ट के सामने टूट रहे पार्किंग के नियम

    वणी . लोगों की समस्याओं को हल करने वाले न्यायालय के परिसर मे ही इन दिनों पार्किंग नियमों की धज्जिया उड रही है. शिवाजी चौक से लेकर विभागीय आयुक्त कार्यालय तक जाने वाले  न्यायालय के समीपस्थ मार्ग पर दोनों ओर चार पहिया वाहनों की कतार लगी रहती है. खास बात यह कि यहा वाहनों की अवैध पार्किंग करने में वकील भी पीछे नही है.

    न्यायालय में विभिन्न मामलों के निपटारे के लिए प्रतिदिन हजारों लोग आते है. इन मामलों में पैरवी के लिए वकील भी बडी संख्या में आते है. इसके अलावा न्यायालयीन काम के लिए लगने वाले स्टाम्प पेपर, कोर्ट स्टाम्प टिकट, बिक्री करने वाले, नोटरी का काम करने वाले सभी यहा सडक पर बैठे नजर आते है.

    इन सभी के वाहन अस्त-व्यस्त तरीके से खडे नजर आते है. खास बात यह कि न्यायालय के आसपास सुरक्षा व विभिन्न कारणों के लिए पुलिस भी आती है. लेकिन यातायात पुलिस कही नजर नही आती. इसका लाभ अवैध रूप से वाहनों की पार्किंग करने वाले उठाते नजर आते है.

    पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नही

    न्यायालय के समीप ही पंचायत समीती पुलिस स्टेशन एवं तहसील कार्यालय रहने से वाहनों का जमावडा लगा रहता है और विभिन्न मामलों के विभिन्न बेच और इसके लिए आने वाले लोग, वकील, पुलिस की अच्छी खासी संख्या होती है. न्यायालय परिसर में सभी के लिए पार्किंग की सुविधा है. लेकिन इस पार्किंग में वाहन खडने की जद्दोजहद कोई नही उठाता. यहा पर्याप्त जगह होने के बावजूद लोग बाहर वाहन खडे करते है.  

    नो पार्किंग बोर्ड के सामने खडे होते है वाहन

    कानून सभी के लिए एक जैसा होता है. यही कारण है कि सडक पर कहा वाहन खडे करना है या कहा नही करना है, इसके लिए बाकायदा बोर्ड भी लगाए गए है. तहसील न्यायालय के परिसर मे नो पार्किंग के बोर्ड होने के बावजूद न्यायालय के सामने ही यातायात नियमों को तोडा जा रहा है. इन बोर्ड के पास ही बडे पैमाने में वाहन अवैध रूप से खडे कर दिए जाते है. रास्ते पर गड्डे भी है वाहनों के अतिक्रमण के बीच इनसे बचने की कोशिश मे वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहता है.