शिवसेना दशहरे पर भाजपा के साथ मिलकर सत्ता का सीमोल्लंघन करें-केंद्रीय राज्यमंत्री आठवले

    • कहा सामाजिक न्याय मंत्रालय 85 पिछडा वर्ग को कवर करता है.

    यवतमाल. केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने राज्य में सत्ता का संचालन कर रहे मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे को कॉंग्रेस, राष्ट्रवादी के जोखंड से बाहर निकलकर आगामी दशहरे में भाजपा के साथ सीमोल्लंघन की सलाह दी है.वे आज 18 सितंबर की दोपहर यवतमाल विश्रमागृह में आयोजित पत्रपरिषद को संबोधित कर रहे थे.

    केंद्रीय राज्यमंत्री आठवले ने मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे के हाल ही में भाजपा के प्रति सकारात्मक भूमिका दर्शाने के बाद एनसीपी सुप्रिमों शरद पवार की नाराजी पर कहा की,मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने जो कहा है उसपर अमल कर सत्ता से बाहर निकलें,और भाजपा के साथ महायूती सरकार बनाएं, दोनों दल साथ होने से केंद्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र को लाभ होंगा.

    शिवसेना यदि कॉंग्रेस,राष्ट्रवादी इन दोनों दलों से मुक्त नही होती है तो आगामी चुनावों में शिवसेना को धक्का पहूंच सकता है, एैसा अनुमान भी आठवले ने जताया.महाआघाडी सरकार के घटक दल कॉंग्रेस, राकांपा पर मुख्यमंत्री ठाकरे का यह दबाव बनाने का तंत्र है, इस सवाल पर उन्होने कहा की कौन किसे छोडेंगा यही समझ नही आ रहा है,लेकिन शिवसेना के लिए भाजपा सकारात्मक तौर पर विचार कर सकती है.

    जिससे दोनों दल मुख्यमंत्री पद के लिए ढाई -ढाई वर्ष के फार्मुले पर अमल करें और शिवसेना दशहरे के मौके पर सीमोल्लंघन करते हुए वर्तमान गठबंधन से बाहर निकलकर भाजपा के साथ युती कर लें.एैसी सलाह भी आठवले ने शिवसेना को दी है.पत्रपरिषद में उनके साथ आरपीआय आठवले गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुधाकर तायडे, विधायक नामदेव  ससाणे, आरपीआय विदर्भ अध्यक्ष मोहन भोयर,जिलाध्यक्ष महेंद्र मानकर, भाजपा जिलाध्यक्ष नितीन भुतडा, नवनित महाजन आदी मौजुद थे.

    आज 18 सितंबर को आरपीआय आठवले गुट की ओर से आयोजित विभीन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने केंद्रीय सामाजिक न्यायमंत्री रामदास आठवले यवतमाल पहूंचे थे. पत्रपरिषद को संबोधित करते हुए उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में विभीन्न योजनाओं के तहत गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और बेरोजगारों को मिले अवसर और योजनाओं के लाभ पर जानकारी दी, साथ ही विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर संविधान बदलने का षडयंत्र रचने के आरोपों को खारीज करते हुए कहा की हम संविधान की सुरक्षा के लिए ही भाजपा के साथ है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने बाबासाहब के लोकतंत्र के विचार से बनें संसद के सामने नतमस्तक होकर,हाथ में संविधान पकडकर शपथ ली है.जिससे वें कभी संविधान कभी बदल नही सकते है,लेकिन संविधान में संशोधन होते ही है, एैसा कहकर विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया.आठवले ने इस समय ओबीसी आरक्षण पर कहा की इसे केंद्र की मोदी सरकार का पुरा समर्थन है, पिछडावर्ग, ओबीसी के आरक्षण की हम लगातार मांग कर रहे है, हमने पहले आरक्षण को धक्का न लगाते हुए पिछडों को सरकारी नौकरीयों देने की भूमिका अपनायी है.

    इस समय केंद्रीय राज्यमंत्री आठवले ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री जनधन योजना,मुद्रा कर्ज योजना, उज्वला गैस कनेक्शन, शहरी और ग्रामीण ईलाकों के लिए आवास योजना, आयुष्यमान भारत योजना से लाभार्थीयों के आंकडे को पेश करते हुए कहा की सर्वधर्मिय जनता को इन योजनाओं का लाभ मिला है.संसद में विपक्ष के हंगामें पर नाराजी जताते हुए कहा की संसद में हर दिन विपक्ष का हंगामा उचित नही है, हमनें विपक्ष के इस रवैये पर हंगामा मचानेवालों को एक वर्ष तक संसद से बाहर करने की मांग की है, जिससे सुचारु काम चलें, लोकतंत्र में विपक्ष महत्वपुर्ण है लेकिन हर दिन हंगामा मचाकर कामकाज बाधित करने का विपक्ष को कोई अधिकार नही है, एैसी बात कही.

    यदि मराठा आरक्षण नही दे पा रही है तो सत्ता छोड दें राज्य सरकार

    सामाजिक न्याय मंत्रालय के कामकाज पर उन्होने कहा की मेरा मंत्रालय सभी को न्याय देने के लिए है, जिससे यह देश के 85 फिसदी पिछडा वर्ग के लोग इस मंत्रालय के तहत आते है, जिससे यह हर वर्ग को कवर करता है.उन्होने धनगर आरक्षण पर कहा की यह समुदाय ओबीसी में आता है, जिससे सभी घुमंतू जातीयों की सुची तैयार की गयी है, इस प्रवर्ग को अलग श्रेणी में रखकर आरक्षण देने की संभावनाओं पर हमारा मंत्रालय अलग से विचार कर रहा है.

    इसके लिए उन्होने तामिलनाडु सरकार के आरक्षण फार्मुले का उदाहरण दिया साथ ही मराठा आरक्षण को लेकर वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की यदि महाराष्ट्र सरकार को मराठा आरक्षण नही देने में निर्णय लेने में कठीनाई है तो सत्ता वें छोड दें, हम इस पर निर्णय लेंगे.

    शिघ्र कवि आठवले ने सुना दी कविता

    संसद में अपने भाषणों से सभी को हंसाकर लोटपोट करने के लिए मशहुर केंद्रीय राज्यमंत्री आठवले ने पत्रपरिषद समाप्त होते ही शिघ्र कवि बनकर वकिता सुना दी, इस समय उन्होने अपने यवतमाल आगमन को देखते हुए मराठी भाषा में कहा की, 2024 में प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर डालेंगे फिर जाल,क्योंकी हमारे साथ होंगा यवतमाल, इस शिघ्र कविता को विश्रामगृह में रचकर उन्होने सभी को हंसा दिया.