पुल की ऊंचाई कम होने से ग्रामीणों को हो रही भारी परेशानी

    उमरखेड: निंगनूर उमरखेड़ तहसिल का सबसे बड़ा गांव है.गांव के पास नाले पर पुल की ऊंचाई कम होने से महर्षि दयानंद सरस्वती विद्यालय जाने वाले  छात्रों को ग्रामीणों को बेवजह परेशानी उठानी पड़ती है.

    पुल की ऊंचाई कम होने के कारण कम बारिश के बावजूद पुल से पानी बहता है.  कितने ही साल बीत गए है, इस पुल की गांव के नेताओं ने उपेक्षा की है. पिछले महीने एक युवक बह जाने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी. फिर भी प्रशासन कि आंखें नहीं खोली. इसलिए नाले पर बने पुल की ऊंचाई जल्द से जल्द बढ़ाने की मांग बढ़ रही है.

    गांव के पास पुल की ऊंचाई कम होने के कारण बरसात के दिनों में पुल से पानी बहता है. यह स्थानीय लोगों, किसानों, छात्रों और यात्रियों को प्रभावित करता है. पुल का पानी कम होने तक गांव को इंतजार करना पड़ता है. गांव तक पहुंचने के लिए किसानों को नाले के किनारे भारी बारिश रूकना पड़ता है. निगन्नूर गांव  बड़ा होने के कारण हर शुक्रवार को बाजार भर जाता है और स्वास्थ्य उपकेंद्र, स्कूल, स्कूल जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं.

    इसके अलावा इस पुल से उमरखेड़ पहुंचने का सीधा और आसान रास्ता है. पुल की ऊंचाई कम है लेकिन पुल की हालत भी खराब है. इस पुल पर कोई तटबंध नहीं है. इस नाले को गहरा नहीं किया गया है. बारिश होने पर पुल पर भारी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है. इसलिए गाड़ी चलाना मुश्किल था. तालुका से संपर्क टूट गया है.