फिर गरमाया ईटीसी केन्द्र में धांधली का मामला

  • MLA मंदा म्हात्रे की मांग-जांच और कार्रवाई करो

नवी मुंबई. वाशी रेलवे स्टेशन के समीप स्थित 2009 से चालू नवी मुंबई मनपा का ईटीसी केन्द्र एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में इस सेंटर को दिव्यांग स्कूल की मान्यता दी लेकिन महानगर पालिका ने आज तक इसका जीआर लागू नहीं किया है.

एक प्रेस कांफ्रेंस में यहां की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने कहा कि दिव्यांग स्कूल की मान्यता होने के बाद भी इसे सेंटर वैकल्पिक प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर चलाया जा रहा है. यहां एकल संचालिका वर्षा भगत की मनमानी चलती है. अब तक के सभी मनपा आयुक्तों तुकाराम मुंढे, एन. रामास्वामी और एबी मिसाल को शिकायत कर चुकी मंदा म्हात्रे ने कहा कि किसी ने भी इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की.

मंदाताई म्हात्रे का आरोप है कि सब ईटीसी और संचालिका की धांधली को छुपाना चाहते हैं. नए आयुक्त अभिजीत बांगर को भी पत्र लिख चुकीं भाजपा विधायक ने विश्वास जताया कि दिव्यांग बच्चों को न्याय मिलेगा और उन्हें नियमित शिक्षण मिलेगा. ऐसा नहीं होने पर उन्होंने अधिवेशन में मुद्दा उठाने और दिव्यांगों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया.

क्या है मामला

बता दें कि 5 सालों से इटीसी सेंटर का यह मुद्दा कायम है. नियमों के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के बच्चों के शिक्षण संस्थान को स्कूल की तरह चलाना और उसका कोरम पूरा करने का प्रावधान है लेकिन यहां सरकारी निर्देश होने के बाद भी एकाधिकार चलता है.. इसे लेकर तत्काल  आयुक्त मुंढे के साथ तू तू मैं मैं भी हो चुकी है.इसका नियंत्रण शिक्षण अधिकारी की बजाय ईटीसी संचालिका के हाथ में हैं. फिलहाल यहां बस सेवाएं बंद हैं और 4 घंटे की पढाई सिर्फ 2 घंटे कर दी गयी है. मंदा म्हात्रे ने कहा कि यह दिव्यांग बच्चों के साथ अन्याय है इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.