वालधुनी नदी पर बने अधूरे पुल के काम को पूरा करने की मांग

उल्हासनगर. स्थानीय रेलवे स्टेशन के समीप स्टेशन पश्चिम से पास से ही बहने वाली वालधुनी नदी पर एक नया पुल बनाने की योजना थी तथा इसकी शुरुआत भी हो चुकी थी, लेकिन उसका निर्माण कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया है. यदि यह पुल बनकर तैयार होता है तो लाखों  शहर वासियों व शहर हजारों व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा.

गौरतलब हो की अधिक बारिश के होने पर उल्हासनगर वासियों को स्टेशन पर जाने में खासकर पश्चिम वालों को चिंता होती है. गौशाला तथा उल्हासनगर स्टेशन वालधुनी नदी का पानी बढ़ने से गौशाला वाला पुल पूरी तरह से डूब जाता है. स्टेशन की तरफ रहने वाले नागरिकों को तकलीफ तो होती ही है, वहीं जो अपना सामान लोकल से मुंबई या कहीं और ले जाते हैं, उन व्यापारियों को तकलीफ होती है. साथ ही जो बुजुर्ग या मरीज होते हैं, जिनको अपने निजी वाहन से उल्हासनगर स्टेशन जाना हो उन्हें भी पुल से पानी उतरने का  होने का घंटों इंतज़ार करना व पड़ता है. 

कुछ साल पहले  गौशाला पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग होती रही है. पश्चिम में उल्हासनगर स्टेशन से लगकर एक पुल बनाया गया, जिसका निर्माण किसी कारणवश अधूरा छोड़ दिया गया है. वह अधूरा पुल आज भी मज़बूती से खड़ा है और अपने पूरे होने का इंतजार कर रहा है. वालधुनी नदी बिरादरी के संस्थापक शशिकांत दायमा के अनुसार स्थानीय विधायक, महापौर, नगरसेवक और मनपा प्रशासन को इस पूल को पूरा करने की मांग को गंभीरता से लेना चाहिए.