नौकरी भर्ती न करने की प्रतिज्ञा के कारण मराठा आरक्षण स्थगित

  • भाजपा विधायक अतुल भातखलकर का महाविकास आघाडी सरकार पर प्रहार

ठाणे. मराठा आरक्षण को स्थगित करने के लिए खंडपीठ के पास राज्य सरकार ने महीना भर के बाद स्थगित उठाने के लिए आवेदन किया. साथ ही राज्य सरकार ने आरक्षण के संदर्भ में न्यायालय में पेश किये गए प्रतिज्ञा पत्र में हम सरकारी नौकर भर्ती नहीं करेंगे, ऐसा लिखकर दिया. जिसके कारण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मराठा आरक्षण को स्थगित करने का दावा भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने किया. 

 ठाणे में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने राज्य की महाविकास आघाडी के एक साल पूरा होने के पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को 100 फीसदी असफल मुख्यमंत्री करार देते हुए कई आरोप भी लगाए. साथ ही उन्होंने ठाणे में सरकारी मदद के वितरण में भी भारी भ्रष्टाचार होने की बात कहते हुए वर्तमान समय में सरकार द्वारा किये जा रहे तबादले को लेकर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि मंत्रालय में वर्तमान समय ताबदलों का मेनुकार्ड बनाया गया है. 

मराठा आरक्षण के संदर्भ में भातखलकर ने महाविकास आघाडी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा समाज को आर्थिक बल देने के उद्देश्य से आरक्षण दिया और इसे उच्च न्यायालय ने कायम रखा. महाराष्ट्र और तामिलनाडू ये दो ही राज्य हैं, जिसके द्वारा दिया गया आरक्षण उच्च न्यायालय में जाने के बाद टिक सका. लेकिन अब सर्वोच्च न्यायालय में आरक्षण को टिकाने की जिम्मेदारी महाविकास आघाडी सरकार की है, परंतु इस सरकार की मंशा मराठाओं को आरक्षण देने की नहीं है.

अर्थात एक प्रकार से कह सकते हैं कि इनकी इच्छा ही नहीं है कि मराठा मजबूत हो. साथ ही भातखलकर ने कहा कि जिस न्यायालय ने स्थगन आदेश दिया है और उस बेंच के पास फिर से स्थगन उठाने के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए, एक एक स्कूल के बच्चे को भी समझ में आता है. लेकिन महाविकास आघाडी ने उसी बेंच के पास एक महीने के बाद आवेदन किया है. साथ ही सुनवाई की पूर्व संध्या पर बेंच बदलने की मांग की. इससे साफ़ स्पष्ट होता है कि महाविकास आघाडी सरकार को मराठाओं को आरक्षण देना ही नहीं है. 

केंद्र सरकार का किया बचाव

केंद्र सरकार ने यदि अध्यादेश निकाला तो मराठा आरक्षण मिल सकता है, ऐसा पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का टालमटोल जवाब देते हुए भाजपा विधायक भातखलकर ने केंद्र सरकार का बचाव किया. उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ के स्थापन करने के लिए केंद्र सरकार दबाव नहीं डाल सकती है. इस दौरान पत्रकार परिषद में ठाणे भाजपा अध्यक्ष व विधायक निरंजन डावखरे, प्रदेश सचिव संदीप लेले, मनपा गटनेता संजय वाघुले, ठाणे भाजपा प्रवक्ता सागर भदे आदि उपस्थित थे.