Many schemes of Manpa started for Divyang

  • विधायक मंदा म्हात्रे ने उजागर किया घोटाला

नवी मुंबई. लॉकडाउन काल में बिना काम किए ही 8 करोड़ का भुगतान करने के मामले में मनपा आयुक्त ने 3 उद्यान अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी विधायक मंदा म्हात्रे ने इसे बड़ा उद्यान घोटाला बताते हुए आयुक्त अभिजीत बांगर से शिकायत करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की थी।

मनपा आयुक्त ने मामले की जांच पड़ताल के बाद उद्यान अधिकारी चंद्रकांत तायड़े, सहायक उद्यान अधिकारी भालचंद्र गवली और उद्यान अधीक्षक प्रकाश गिरी को निलंबित कर दिया है। मनपा अधिकारियों के साथ ही उद्यानों की देखभाल के बिना मनपा को 8 करोड़ का चूना लगाने वाले कान्ट्रैक्टर एन.के. शाह इन्फ्राप्रोजेक्ट के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी है। आयुक्त ने भुगतान की गयी धनराशि के साथ ही पेनाल्टी समेत कुल 8 करोड़ 24 लाख रुपए 15 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है।

कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

इस मामले में विधायक मंदा म्हात्रे की शिकायत और कार्रवाई की मांग के बाद कान्ट्रैक्टर समेत 14 अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस भेजी गयी थी। सोमवार को इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए आयुक्त ने अधिकारियों के निलंबन के साथ ही ठेकेदार पर भी कार्रवाई की। जिसने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर उद्यान घोटाले को अंजाम दिया। इस घोटाले में उपायुक्त समेत कई अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

क्या है पूरा मामला

नवी मुंबई मनपा ने उद्यानों की देखभाल के लिए फरवरी माह में एन.के. शाह इन्फ्राप्रोजेक्ट को ठेका दिया। हालांकि उसके चंद दिनों के बाद ही लॉकडाउन लग गया, जिससे सारे कामकाज ठप्प हो गए। लेकिन ठेकेदार ने अधिकारियों के साथ सांठ गांठ कर तालाबंद उद्यानों के मेंटीनेंस और रखरखाव के नाम पर 8 करोड़ का बिल बनाया और उसका भुगतान भी ले लिया। इस मामले को लेकर बेलापुर की विधायक मंदा म्हात्रे और गणेश नाईक में तकरार की नौबत आ गयी थी। अंदरखाने माना जा रहा था कि कान्ट्रैक्टर नाईक का नजदीकी है। लेकिन खुद गणेश नाईक ने उद्यान घोटाले की तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर इन अफवाहों को खारिज कर दिया था।

आयुक्त की कार्रवाई सराहनीयः मंदा म्हात्रे

भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने कहा कि आयुक्त ने उद्यान घोटाले की हमारी शिकायत को गंभीरता से लिया, जांच पड़ताल में दोषी पाए गए ठेकेदार और 3 अधिकारियों पर जो कार्रवाई की उसके लिए आभार जताती हूं, लॉकडाउन के बीच इस तरह जनता के पैसों की लूट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। हम इस तरह अधिकारियों को जनता के पैसे को लूटने और भ्रष्टाचार नहीं करने दे सकते हैं।