मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के समर्थन में उतरी राकां

  • राकां ने भेजी राज्यपाल को संविधान की प्रति

ठाणे. राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को राज्यपाल द्वारा मंदिरों को खोले जाने को लेकर दिए गए पत्र को राकां ने गलत करार देते हुए अब मुख्यमंत्री के समर्थन में उतर आई हैं. बुधवार ठाणे में राज्य के गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड के मार्गदर्शन में राकां अध्यक्ष आनंद परांजपे के नेतृत्व में प्रदेश सचिव सुहास देसाई की उपस्थिति में राकां कार्यकर्ताओं ने शहर के पोस्ट ऑफिस में जाकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को संविधान की प्रति और इसमें लिखे गए राज्यपाल को क्या पालन करना चाहिए, इसे भी लैमिनेट कर भेजकर निषेध जताया.

साथ ही आरोप लगाया कि संविधानिक पद पर विराजमान राज्यपाल को संविधान में कहे गए ‘धर्मनिरपेक्ष’ के तत्व को शायद भूल चुके हैं.  इस दौरान शहर अध्यक्ष आनंद परांजपे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महामहिम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को हमने भारतीय संविधान सविनय सादर किया है. राज्यपाल एक संविधानिक पद है. कदाचित राज्य के राज्यपाल शायद संविधान को भूल चुके है, इसलिए उन्हें याद दिलाने के लिए हम लोगों ने भारतीय संविधान और भारतीय संविधान की प्रास्ताविका उन्हें भेजा है.

परांजपे का कहना है कि भारत एक धर्माधिष्ठित राष्ट्र नहीं है, बल्कि धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है. यह बताने के लिए हमने उन्हें संविधान की प्रति आदर पूर्वक पेश किया है और वे इसे खाली समय मे पढ़ें, जिससे भूल चुका संविधान फिर राज्यपाल को याद आ जाए. राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस की ठाणे शहराध्यक्षा सुजाताताई घाग, युवक अध्यक्ष विक्रम खामकर, विधानसभा अध्यक्ष विजय भामरे, विधानसभा कार्याध्यक्ष विक्रांत घाग, सामाजिक न्याय विभाग अध्यक्ष कैलास हावले, महासचिव रवींद्र पालव, ब्लॉक अध्यक्ष समीर पेंढारे, निलेश फडतरे, निलेश कदम, असंघटीत कामगार सेल अध्यक्ष राजू चापले, वॉर्ड अध्यक्ष संतोष घोणे, दिनेश सोनकांबले, समाधान माने, युवक पदाधिकारी सौरभ वर्तक, रोहित भंडारी, महिला पदाधिकारी माधुरी सोनार, ज्योती निंबर्गी, माया केसरकर, सोमा डे, नंदिनी चंदनशिव आदि उपस्थित थे.