बाजार में रौनक, तबाही से बचे शॉपिंग माल्स

नवी मुंबई. कमजोर पड़ते कोरोना के कारण काम धंधा और रोजगार जोर पकड़ने लगा है. सावधानियों के साथ दैनिक गतिविधियां पटरी पर आने लगी हैं. बाजारों में लौट रही रौनक और शॉपिंग माल्स में बढ़ रही आगंतुकों की भीड़ इसका सबूत देती है. मनी के लिए या मजबूरी जो भी कहें लेकिन लोग अपनी दिनचर्या में मशगूल होने लगे हैं. दिवाली ने इसमें नया जोश भर दिया है. सबसे ज्यादा आकर्षण 8 महीनों से बंद शापिंग माल्स में नजर आ रहा है. 23 तारीख  से स्कूल कालेजों के खुलने के बाद यह भीड़ और भी बढ़ने की उम्मीद है.

73 फीसदी रीकवरी, 50 फीसदी सेल

लॉकडाउन में सबसे अधिक नुकसान उन शोरुम, ब्रांडेड शॉप और शापिंग माल्स का हुआ है जहां हर दिन हजारों ग्राहकों की भीड़ आती थी. लाखों का कारोबार होता था  लेकिन लॉकडाउन ने सब पर बंदिश लगा दी थी. अब जब सब कुछ खुल रहा है तो यहां आगंतुक और ग्राहक लौटने लगे हैं. सीवुड ग्रैंड सेंट्रल के संचालक कंपनी नेक्सस माल्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयेन नाईक बताते हैं कि इस अवांछित समय में हर कोई आगे के विकास के बारे में सोंच रहा है.दिवाली पर्व ने हौसला बढ़ाया है.2019 की दिवाली की तुलना में  73 फीसदी बिजनेस रीकवर कर लिए हैं. बीते वर्ष की तुलना में अब तक 55 प्रतिशत फुटफाल रीकवर हो चुका है.दिवाली वीक में 50 फीसदी सेल्स बढ़ोत्तरी और आगंतुकों में 25 फीसदी की वृद्धि हुई है जो सुखद संकेत है.

वर्ना तबाह हो जाते कई ब्रांड्स

लॉकडाउन का आकलन करने वाले एक्सपर्ट बताते हैं कि यदि लॉकडाउन और आगे बढ़ता तो कई शापिंग माल्स, और ब्रांडेड शोरूम तबाह हो जाते. एक्सपर्ट इसके पीछे प्रीमाइसेस रेन्ट, बड़ी इन्वेंट्री और बैंक  लोन को बड़ा कारण बताते हैं. फैशन, अप्पारेल, इलेक्ट्रानिक्स और रिटेल की ढेर सारी ऐसी चीजें हैं जो खराब होने की कगार पर थीं, लेकिन ऐन दिवाली से पहले अनलॉक के कारण हालात काबू में आ गए. हालांकि 30 फीसदी के करीब कारोबार फिलहाल ठप्प हो गए हैं.