स्मार्ट सिटी के स्मार्ट कैमरे फेल

  • सुरक्षा के नाम पर लगाए गए 50 फीसदी कैमरे बंद 

ठाणे. स्मार्ट सिटी ठाणे के 50 फीसदी स्मार्ट कैमरे फेल हैं. क्योंकि कानून और सुव्यवस्था पर नजर रखने के लिए शहर के विभिन्न सड़कों के पोल पर लगाए गए तक़रीबन 1300 कैमरों में से 700 कैमरे बंद हैं. उक्त आरोप मनपा के सर्वदलीय नगरसेवकों ने लगाया है. 

ठाणे महानगर पालिका की सीमा में स्मार्ट सिटी के तहत और प्रभाग सुधार निधि के द्वारा 1200 कैमरे और वाईफाई योजना के तहत 100 कैमरे इस प्रकार कुल 1300 कैमरे लगाये गये हैं, जबकि कुल 1600 कैमरों को लगाने का लक्ष्य मनपा प्रशासन ने रखा था. करीब 300 कैमरे लगने शेष हैं. शहर में होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से तथा शहर में कानून- सुव्यवस्था को बनाए रखने के लिए उक्त कैमरे लगाए गए थे. लेकिन शहर में लगाए गए कुल कैमरों में 50 फीसदी कैमरे बंद पाए गए हैं. उक्त आरोप नगरसेवकों ने लगाया है. उक्त मुद्दे को उठाते हुए राकां नगरसेवक नजीब मुल्ला ने इसे ठाणे करों के साथ विश्वासघात बताया है. मुल्ला का कहना है कि शहर में अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से प्रत्येक नगरसेवकों ने अपने प्रभाग सुधार निधि से 5-5 लाख रुपए दिया था, लेकिन अब इन बंद कैमरों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उनका पांच लाख की निधि भी पाने में चला गया है. 

वाई फ़ाई के नाम पर लगाया गया ठाणे करों को चुना  

ठाणे महानगर पालिका के माध्यम से शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत वाईफाई सिटी बनाने के लिए वाईफाई योजना भी शुरू की गई थी. इस योजना के तहत नियुक्त किये गए कंपनी द्वारा आय में से कुछ हिस्सा मनपा प्रशासन को देना करारनामे में अनिवार्य किया गया था. परंतु अब तक उक्त कंपनी ने मनपा प्रशासन को एक रुपए भी अदा नहीं किया है. उक्त आरोप नजीब मुल्ला ने लगाया है.

मुल्ला का कहना है कि उपक्रम के तहत 800 केबीपीएस तक मुफ्त वाईफाई सुविधा देने और इसके उपयोग के लिए ठेकेदार द्वारा पैसा लेना तय हुआ था. इस प्रकार उक्त कंपनी द्वारा प्रति वर्ष 62 लाख रूपए मनपा को को दिया जाना चाहिए. क्योंकि यह योजना वर्ष 2018 में शुरू किया गया था. इस प्रकार तीन वर्ष का कुल एक करोड़ 86 लाख रूपए कंपनी द्वारा मनपा को मिला चाहिए था. लेकिन अब तक एक रूपए भी नहीं मिल पाया है. इतना ही नहीं सिर्फ तीन हजार रुपए कंपनी ने मनपा प्रशासन के स्वतंत्र खाते में जमा किया है. 

समिति गठित कर जांच की मांग 

राकां के गटनेता नजीब मुल्ला ने इसे प्रशासन के साथ धोखा बताते हुए एक समिति गठित कर जांच की मांग भी की. लेकिन मनपा के अतिरिक्त आयुक्त गणेश देशमुख ने समिति के गठन की मांग को ख़ारिज करते हुए मनपा के विद्युत विभाग के उपनगर अभियंता विनोद गुप्ता के नेतृत्व में जांच कर जल्द ही योजना में त्रुटि की रिपोर्ट पेश करने का आश्वासन जरूर दिया है.