USAID on growing corona cases in India - Biden administration is working on increasing oxygen supply chain
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    -राजेश मिश्र

    लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लगातार घटते कोरोना मामले और सक्रिय संक्रमितों की संख्या में कमी के चलते अस्पतालों में आक्सीजन की मांग में खासी गिरावट आयी है। आक्सीजन की मांग में कमी और बढ़ी उपलब्धता को देखते हुए स्टील ईकाईयों को इसके उपयोग की अनुमति दे दी गयी है। बीते दस दिनों से प्रदेश में लगातार आक्सीजन की मांग घटती जा रही है।

    प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक इन दिनों ऑक्सीजन की खपत में भारी कमी आयी है। बीते तीन दिनों से प्रदेश में आक्सीजन की मांग 450 टन रह गयी है जो सामान्य मांग के बेहद करीब है। बीते 15 दिनों से न केवल प्रदेश में बाहर से आने वाले आक्सीजन की आपूर्ति बढ़ी है बल्कि कई जगहों पर नए संयंत्र भी काम करने लगे हैं। प्रदेश में बड़ी तादाद में आक्सीजन कंस्ट्रेटर भी बांटे गए हैं।

    इसके साथ ही प्रदेश का आबकारी तथा चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग राज्य में कोरोना मरीजों को बचाने के लिए ऑक्सीजन जेनरेटर्स लगा रहा है।

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इसके लिए 75 जिलाधिकारियों ने  79 अस्पतालों का चयन कर लिया गया है। जिसमें ज्यादातर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से लगे हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इनमें से 15 जगहों पर ऑक्सीजन पाइपलाइन एवं जनरेटर की व्यवस्था  उपलब्ध है और 16 स्थलों पर आंशिक व्यवस्था उपलब्ध है।

    प्रदेश में बड़े पैमाने पर आक्सीजन उत्पादन बढ़ाने और नयी ईकाईयों की स्थापना के लिए काम तेज किया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने आक्सीजन उत्पादन ईकाई लगाने के इच्छुक उद्यमियों को तुरंत जमीन देने व जरुरी अनुमति देने की व्यवस्था निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से शुरु की है जो 24 घंटे कार्यरत है। आक्सीजन उत्पादन ईकाई के लिए यूपीसीडा महज एक सप्ताह के भीतर ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर रहा है।

    यूपीसीडा की इस पहल पर अब तक ग्रेटर नोयडा, सहारनपुर, शाहजहांपुर, बरेली, मथुरा, कानपुर नगर व देहात, रायबरेली, हरदोई, बस्ती, सुल्तानपुर, अमेठी, गोरखपुर, मऊ, वाराणसी और प्रयागराज में 19 कंपनियों ने आक्सीजन उत्पादन ईकाई लगाने का प्रस्ताव किया है। यूपीसीडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लगने वाली इन ईकाईयों में 503 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्रतिदिन 770 टन आक्सीजन व नाइट्रोजन उत्पादन की क्षमता होगी।

    उधर औद्योगिक संगठनों और स्टील निर्माण ईकाईयों की मांग पर प्रदेश में उद्योगों को आक्सीजन के उपयोग की इजाजत दे दी गयी है। हाल ही में केंद्र सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाये रखते हुए, इंडस्ट्रियल इस्तेमाल का आदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक ऑक्सीजन उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए औद्योगिक इकाइयों को उनके उपयोग के लिए ऑक्सीजन उपयोग की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा है कि औद्योगिक गतिविधियां सामान्य रूप से क्रियाशील रखी जाएं।