21 वर्षीय युवती ने संभाली सरपंच पद की कमान

  • पहली बार बनी कम उम्र की सरपंच
  • बोटाना ग्रामपंचायत का मामला

कारंजा घाडगे. इतिहास में पहली बार बोटोना ग्रामपंचायत के सरपंच पद पद पर 21 वर्षीय युवती की नियुक्ति हुई है. सबसे कम उम्र की सरपंच मिलना यह पहला मामला है. जिससे गांव में खुशी का माहौल है. भारती नाईक यह नवनियुक्त सरपंच का नाम है.

तहसील में गत वर्ष 34 ग्रामपंचायतों में चुनाव हुए. उसमें जनता से सरपंच चुना गया. उसमें बोटोना में भी चुनाव हुए. इस चुनाव में सरपंच पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहने से जयमाला बबन नाईक की नियुक्ति हुई. परंतु उन्होने पद का गलत इस्तेमाल कर सरकारी जमीन पर अतक्रिमण कर खेती की. इस संबंध में विरोधकों ने जिलाधिकारी की ओर शिकायत की. दौरान की गई जांच में सरपंच महिला दोषी पाये जाने से उन्हे पद से हटाया गया.

बोटोना का सरपंच पद रिकत होने से प्रभार उपसरपंच की ओर सौपा गया था. ग्रामपंचायत में अनुसूचित जाति के उम्मीदवार रही भारती राजकुमार नाईक यह सदस्य के तौर पर चुनकर आयी थी. अब उनकी नियुक्ति सरपंच पद पर की गई. पहली बार सबसे कम उम्र के सरपंच होने का सम्मान भारती नाईक को मिला है. चुनाव अधिकारी के तौर पर नायब तहसीलदार डी ए राऊत ने काम संभाना. उस वक्त पटवारी, ग्रामसेवक उपस्थित थे. विधायक दादाराव केचे, जिप सदस्य सुरेश खवशी व ग्रामवासियों ने नवनियुक्त सरपंच भारती नाईक को बधाई दी.