प्री-वेडिंग शुट के साथ ही अब प्री-वेडिंग वीडिओ का क्रेज, फोटोग्राफर को आये अच्छे दिन

वर्धा. अपने जिंदगी के अनमोल पल हर कोई कैद कर उसे संजोग कर रखना चाहता है. दो दिलो का मिलन शादी समारोह की यादे कैमेरे में शुट कर उसका अलबम बनाया जाता था. किंतु समय के परिर्वतन चक्र के अनुसार अब काफी बदलाव हुआ है. अब प्री-वेडिंग शूट के साथ ही विविध थीम के अनुसार प्री-वेडिंग वीडिओ तैयार करने का क्रेझ बढ गया है. जिले के महत्वपूर्ण स्पॉट के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों पर जाकर प्री-वेडिंग की शुटींग करनेवाले नवदम्पति की संख्या दिन ब दिन बढ रही है.

प्री-वेडिंग फोटो के साथ नये थीम के नुसार तीन से चार मिनीट के वीडियों तयार करने पर नवदम्पति जोर दे रहे है. अपनी कहानी पिचर की तरह लोगों के सामने रखने का क्रेझ बढ गया है. जिससे आर्थिक तंगी से जुझ रहे फोटोग्राफर को लिये अच्छे दिन आये है. शादी के पुर्व अपने प्राकृतिक सौंदर्य से भरे स्थल पर जाकर अपनी पसंद के थीम के अनुसार नवदम्पति फोटो के साथ ही शुटींग करने लगे है. यह करते समय लव स्टोरी की तरह अपनी कहानी हो उतारने का प्रयास किया जा रहा है.

फोटोग्राफर-वीडियोग्राफर से यह शुटींग की जा रही है. जिसके लिये स्थल व समय के अनुसार फोटोग्राफर-विडियोंग्राफर पैसा ले रहे है. फोटो के लिये करीब 15 हजार से 50 रूपये तथा शुटींग के लिये 2 लाख रूपये तक लिये जा रहे है. कोरोना काल में काम के लिये तरसे फोटोग्राफर व विडियोग्राफर इस बहाने अच्छे दिन आये है. जिससे उनकी आर्थिक गाडी पटरी पर आने लगी है. जिले में शुटिंग स्पॉट कम होने के कारण अनेक नवदम्पति राजस्थान, बेलाघाट, पचमढी, रामटेक, चिखलदरा, बोरधरण व अन्य प्राकृतिक सौंदर्य से भरे जगह शुटिंग करते है.

अपनी प्रेम कहानी, उससे जुडे संवाद व एक्टींग कर शुटींग करते है. शुटींग के लिये खास कपडे भी खरीदे जाते है. शुटींग पुरी होने के उपरांत उसमें एडीटिंग कर तीन से चार मिनीट का विडीओ बनाया जाता है. तत्पश्चात अनेक नवदम्पति यह विडीओ सोशल मिडीया पर शेयर किया जाता है. जिस पर लाईक की बरसात होती है. आधुनिक तकनीक का पुरेपुर उपयोग कर यह पल यादगार बनाने की कोशिश नवदम्पति के साथ विडियोग्राफर भी करते है.

फोटो स्टुडिओ से अब पर्यटन स्थल का सफर

समय के साथ फोटोग्राफी में बदलाव हुआ. एक समय था की, फोटो निकालने के लिये यहां वहां भटकना पडता था. शादी होने के उपरांत शहर में जाकर फोटो निकाला जाता था. चार दशक पुर्व विवाह समारोह में फोटोग्राफर दिखने लगे. तीन दशक पुर्व फोटोग्राफर के साथ विडियोग्राफर नजर आने लगे. किंतु अब काफी परिवर्तन हो चुका है. एक कैमेरे की जगह पाच से अधिक कैमेरे लगाकर अलग अलग एंगल से शुट किया जा रहा है.

प्री वेडिंग का क्रेझ बढा

फोटोग्राफर तथा विडियोग्राफर राहुल तेलरांधे ने बताया की, प्री वेडिंग शुटिंग का क्रेझ बढा है. ग्राहक के पसंद नुसार शुटींग अथवा फोटोग्राफी की जाता है. बजेट के अनुसार यह काम किया जाता. महाराष्ट्र से बाहर भी जाकर शुटींग की जाती है. राजस्थान, शिमला के साथ गोवा में शुटींग होती है. कम बजेट रहने पर चिखलदरा, बोरधरण, रामटेक, पेंच के रिसोर्ट परिसर में शुटींग की जाती है. ड्रोन अथवा जादा दिन की शुटींग होने पर अधिक राशि ली जाती है. फोटो के लिये 15 से 30 हजार तथा विडिओग्राफी के लिये डेढ लाख रूपये लिये जाते है.