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  • दूषित जलापूर्ति से अनेक लोग बीमारी की चपेट में, ग्रामपंचायत की अनदेखी

मासोद. समीपस्थ ब्राम्हणवाडा गांव में गत तीन दिनों से डायरिया का फैलाव हुआ है. गांव में हो रही दूषित जलापूर्ति के कारण डायरिया का फैलाव होकर भी ग्रामपंचायत की अनदेखी कायम है. जिससे ग्रामीणों को विविध समस्याओं का सामना करना पड रहा है.

उल्लेखनीय है कि, गांव को जिस कुएं से जलापूर्ति होती है उसके परिसर में नालियों का गंदा पानी जमा होता है. इन नालों के सामने बांध होने से जमा पानी निकासी नही हो पाता. जिससे यह पानी कुएं में जाकर लोगों को दूषित जलापूर्ति हो रही है. फलस्वरुप अब लोगों को विविध बीमारियों का सामना करना पड रहा है. वैद्यकीय अधिकारी ने बताया कि, गत तीन दिनों से अनेक ग्रामीणों में दस्त, उलटी, पेटदर्द जैसे परेशानी हो रही है. पहले दिन 15 से अधिक डायरिया के मरीज मिले, दूसरे व तीसरे दिन भी मरीजों की संख्या बढती ही गई. फिलहाल स्थिति नियंत्रण है. सैंम्पल जांच के लिए भेजे गए है.  इस संबंध में सरपंच से पूछने पर उन्होने कहा कि, यह बांध बनाने पर विरोध किया था. प्रतिवर्ष एक या दो बार बीमारी से परेशानी होती है. हम लोग नियमित जलापूर्ति कुएं में ब्लिचिंग पावडर डालते है. समस्या कायम दूर करने बांध तोडना जरुरी है, लेकिन पंस के अधिकारी बांध तोडने नही देते.