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  • असमंजस की स्थिति
  • प्रशासन ने नहीं लिया अब तक कोई निर्णय

वर्धा. शहर व आसपडोस के क्षेत्र में चार दिन के जनता कर्फ्यू के निर्णय पर दो प्रवाह देखने मिले़  रविवार को व्यापारियों ने जनता कर्फ्यू पर अपना समर्थन दर्शाया तो दूसरी ओर सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारियों ने कडा विरोध दर्शाया़ वहीं प्रशासन ने इस संबंध में अबतक अपनी भूमिका स्पष्ट न करने से सर्वत्र असमंजस की स्थिति बनी हुई है़ 

बता दे कि, वर्धा शहर व आसपडोस के क्षेत्र में प्रतिदिन कोरोना मरिज बढ रहे है़ गत दस दिनों का ग्राफ देखे तो वर्धा तहसील में 4 सितंबर को 78, 5 सितंबर को 66, 6 सितंबर को 45, 7 सितंबर को 29, 8 सितंबर को 62, 9 सितंबर को 89, 10 सितंबर को 47, 11 सितंबर को 45, 12 सितंबर को 57, 13 सितंबर को 64 कोरोना संक्रमित मिले है. दस दिनों में औसतन 50 से अधिक मरीज मिलने के कारण प्रशासन के भी सकते में आ गया है़ परिणामस्वरूप कोरोना संक्रमन को रोकने प्रशासन ने जनता कर्फ्यू लगाने पर विचार विमर्श शुरू कर दिया. रविवार की रात एसडीओ सुरेश बगले के कक्ष में नप पदाधिकारी व व्यापारियों की संयुक्त बैठक बुलाई गई. बैठक में नगराध्यक्ष अतुल तराले, उपाध्यक्ष प्रदीपसिंग ठाकूर, पार्षद अभिषेक त्रिवेदी, जयंत सालोडकर, उपविभागीय पुलिस अधिकारी पियुष जगताप, पार्षद व व्यापारी संगठन के प्रदीप बजाज, इद्रीस मेमन, मुरली केला, अरूण काशिकर, सौरभ ढोमणे, प्रमोद मुरारका, ऋतुराज चुडीवाले, सुरेश आहूजा, श्रीनिवास मोहता, विनीत टिबडेवाल, आनंद अग्रवाल, मिलन गांधी व प्रतिनिधी उपस्थित थे. बैठक में सभी ने एकमत दर्शाते हुए 18 से 21 सितम्बर दौरान जनता कर्फ्यू का निर्णय होने की जानकारी है़ वहीं सोमवार को सर्वपक्षीय बैठक बुलाई गई थी़ इसमें भी जनता कर्फ्यू को लेकर अलग अलग विचार व्यक्त किए गए़  किसी ने कुछ आस्थापनाओं को शुरु रखने की बात कही, तो कुछ ने इसका विरोध जताया़ बैठक में शिवसेना के राकेश मंशानी ने प्रशासन जो भूमिका लेंगा, उसे हमारा पूर्ण समर्थन रहेंगा, ऐसी राय व्यक्त की़ 

सरपंचो ने जताया समर्थन

वहीं सोमवार को एसडीओ सुरेश बगले की उपस्थिति में आसपडोस के सभी ग्रापं सरपंच व पदाधिकारियों की बैठक संपन्न हुई़ इसमे चार दिनों के जनता कर्फ्यू पर सभी ने समर्थन दर्शाने की जानकारी है़ 

कांग्रेस पदाधिकारी जनता कर्फ्यू के खिलाफ

प्रशासन ने व्यापारियों से बैठक कर आगामी दिनों में चार दिन के जनता कर्फ्यू को लेकर सहमती दर्शायी है़ परंतु इसका कांग्रेस पदाधिकारियों ने विरोध जताया है़ जनता कर्फ्यू करने पर मजदूर, किसान, आमजनता, छोटे व्यावसायी आर्थिक समस्या से आ जाएंगे़ पहले ही जनता काफी त्रस्त है, अब यह निर्णय न लिया जाए, ऐसा कहा गया़ उक्त प्रस्तावित निर्णय का हम विरोध करते है, ऐसी भूमिका कांग्रेस के प्रदेश सचिव शेखर शेंडे, पूर्व प्रदेश सचिव प्रवीण हिवरे, पूर्व शहर अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, प्रमोद हिवाले, जिला उपाध्यक्ष इक्राम हुसैन शेख, समाजसेवी भास्कर इथापे, सलीम कुरेशी, सुरेश ठाकरे, नरेंद्र पहाडे, श्यााम शंभरकर, राजू भगत ने किया है़ 

अधिकृत कोई आदेश नही

जनता कर्फ्यू का निर्णय व्यापारी व सामाजिक संगठनों का है़ प्रशासन ने इस संबंध में अब तक अधिकृत आदेश जारी नहीं किया़ इसपर विचार विमर्श शुरु है़ व्यापारी जनता कर्फ्यू करते है, तो प्रशासन उन्हें पुरा सहयोग करेंगा. चार दिनों तक मास्क न पहननेवालों पर कार्रवाई की जाएगी, स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान दिया जाएगा़ इसके अलावा सभी उपाययोजना पर ध्यान देंगे़ 

– सूरेश बगले (उपविभागीय अधिकारी, वर्धा)