Girl students
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  • 2019-20 के प्रदर्शन का होगा आकलन, जिले में नहीं पहुंचा आदेश

वर्धा. विभिन्न स्पर्धा में भाग लेकर अपना योगदान देने वाले विद्यार्थियों को खेल अंक दिए जाते है़ वहीं लाकडाउन की वजह से वर्ष 2020-21 में स्पर्धाओं का आयोजन नहीं किया गया. परिणामवश खिलाड़ियों के खेल अंक को लेकर बाधाएं आ रही थी़ विभिन्न क्रीड़ा संगठनों द्वारा विद्यार्थियों के पहले के खेल प्रदर्शन का आकलन कर क्रीड़ा अंक देने की मांग की जा रही थी़ खिलाड़ियों के 2019-20 के खेल प्रदर्शन तथा क्रीड़ा विभाग के प्रस्ताव ध्यान में लेकर दसवीं तथा बारहवीं के विद्यार्थियों को क्रीड़ा अंक देने का निर्णय शिक्षण विभाग द्वारा लिया गया है़ जिले के विद्यार्थियों को प्रस्ताव पेश करने के बारे में अब तक क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय से आदेश जारी नहीं हुए है, लेकिन जल्द ही इस पर अमल किए जाने की जानकारी है.

पिछले वर्ष लाभान्वित होने वाले छात्र

वर्ष 2019-20 में क्रीड़ा स्पर्धाएं सुचारू तरिके से ली गई थी, जिसमें जिले के कई खिलाड़ियों ने सहभाग लेकर खेलों में अपना प्रदर्शन दिखाया, जिसमें से क्रीड़ा विभाग को प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर दसवीं के 232 तथा बारहवीं के 151 खिलाड़ियों को क्रीड़ा अंक का लाभ मिला था.  

लाभार्थियों की संख्या होगी कम

वर्ष 2020-21 में कोरोना के कारण लाकडाउन की वजह से अनेक क्रीड़ा स्पर्धाओं का आयोजन नहीं हुआ़  ऐसे में विद्यार्थियों को क्रीड़ा अंक उन्होंने इसके पहले क्रीड़ा स्पर्धा में लिए सहभाग के आधार पर दिए जाने वाले है़  तब विद्यार्थी 9वीं कक्षा में थे़  उस वर्ष दसवीं तथा बारहवीं के खिलाड़ियों की भरमार होने से कइयों को स्पर्धा से वंचित रहना पड़ा, जिससे क्रीड़ा गुण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या घटने वाली है. 

शिक्षक व पालक उठा रहे सवाल

खेल स्पर्धा में सहभाग लेने के लिए खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करना जरूरी है़, जिसमें उनका समय जाने से पढ़ाई पर अनदेखी होती है, लेकिन पिछले साल स्पर्धाएं नहीं होने से खिलाड़ी नहीं खेले है़  इससे परिस्थिति को देखते हुए उन्हें क्रीड़ा अंक देना सही होगा क्या, यह सवाल भी कुछ शिक्षकों तथा पालकों द्वारा उपस्थित किया जा रहा है.  

आदेश पर जल्द ही होगा अमल 

शिक्षण विभाग की ओर से जारी आदेश पर जल्द ही अमल किया जाएगा़  जल्द ही इस बारे में विद्यालयों को सूचित किया जाएगा तथा विद्यार्थियों के क्रीड़ा अंक के लिए प्रस्ताव मांगे जाएंगे.

-लतिका माने, जिला क्रीड़ा अधिकारी-वर्धा.

सरकार का निर्णय स्वागतयोग्य  

विद्यार्थी अपने पसंदीदा खेल में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए निरंतर प्रैक्टिस करते रहते है़, लेकिन कोरोना की वजह से वे स्पर्धा से वंचित रहे है़  उन्हें क्रीड़ा अंक प्रदान करने का सरकार के निर्णय का मैं स्वागत करता हूं. 

-मदन इंगले, क्रीड़ा शिक्षक.