किसानों का संतप्त सवाल : क्या जाति देखकर होगी कपास की खरीदी?

  • कृउबास के पंजीयन आवेदन में जाति पूछने से उमडा रोष

देवली. अनेक महापुरुषों ने जाति व्यवस्था का उच्चाटन करने जीवन बिता दिया. यहा तक की लेखक, कवि, शाहिरों ने अपने लिखान से जाति व्यवस्था का विरोध किया. परंतु वही दूसरी ओर पुलगांव स्थित कृषि उपज बाजार समिति में जातियता को बढावा दिया जा रहा है. शासकीय गारंटी मूल्य दर से कपास विक्री के पंजीयन फार्म में किसानों से जाति पूछने के कारण किसान आक्रामक हुए है. क्या जाति देखकर कपास की खरीदी की जाएगी? ऐसा सवाल किसान उपस्थित कर रहे है.

शासकीय गारंटी दर से कपास विक्री के आवेदन किसानों को बांटे जा रहे है. परंतु आवेदन में जाति का बाक्स देखकर अनेकों ने रोष व्यक्त किया. हमारा देश कृषि प्रधान है. किसान एकमात्र जाति है. अगर जब किसान अपना अनाज बांटते वक्त किसी की जाति नही पूछता? कोई खाते वक्त यह नही सोचता कि यह अनाज किस जाति के किसान ने उगाया है? तो फिर विक्री के लिए ही किसानों की जाति क्यो चाहिए? जाति का बाक्स आवेदन में देकर कृषि उपज बाजार समिति को क्या सिद्ध करना चाहिए? शासन जाति निहाय कपास की खरीदी करने की इच्छूक है क्या? ऐसे सवाल उपस्थित हो रहे है. कृषि उपज बाजार समिति जाति का बाक्स आवेदन से तुरंत हटाएं, ऐसी मांग किसान कर रहे है.

जाति में न पडे कृउबास

इस संबंध में किसानों ने कडी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कृषि उपज बाजार समिति कपास खरीदी का व्यवहार करें, जाति में न पडे.

दिलीप दिघीकर, किसान दिघी (बो) 

क्या जातिनिहाय होगी कपास खरीदी?

आवेदन के बाक्स में जाति पूछकर सरकार क्या सिद्ध करना चाहती है. क्या जाति निहाय कपास खरीदी की जाएगी. इसका खुलासा शासन को करना जरुरी है. जाति का बाक्स तुरंत हटाएं

प्रवीण तेलरांधे, किसान, देवली

जाति का उल्लेख दूर्भाग्यपूर्ण

देश में सभी जाति, धर्म, पंथ के लोग खेती करते है. किसान ही एकमात्र जाति है, फिर जाति का आवेदन में किया गया उल्लेख क्या सिद्ध करता है. जाति का उल्लेख करना दुभार्ग्यपूर्ण है.

तौसिफ पठाण, किसान अडेगांव

कपास व जाति का संबंध क्या?

सरकार का दिमाग जगह पर है या नही. कपास व जाति का क्या संबंध है. इससे क्या सिद्ध करना है. किसान की जाति पूछना एकदम गलत है.

संजय मोडक, किसान, मुरदगांव (बेलसरे)

तुरंत बाक्स हटाएं

किसान किसी भी जाति का रह सकता है. फिर जाति का बाक्स क्यो? तुरंत बाक्स को हटाना चाहिए.

योगेश नाखले ,किसान, अडेगांव