जव्वाद पटेल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ”डायना अवार्ड”

मंगरुलपीर. इंग्लैंड की महारानी डायना की याद में दिया जाने वाले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 'डायना अवार्ड' के लिए इस वर्ष भारत से कलंदरिया उर्दू जूनियर कॉलेज के सेवनिवृत्त प्राचार्य एवं अकोला निवासी

मंगरुलपीर. इंग्लैंड की महारानी डायना की याद में दिया जाने वाले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ‘डायना अवार्ड’ के लिए इस वर्ष भारत से कलंदरिया उर्दू जूनियर कॉलेज के सेवनिवृत्त प्राचार्य एवं अकोला निवासी डा.जफर खान पटेल के पुत्र जव्वाद पटेल को चुना गया है. उनका चयन डिऊ ड्राप एवं पानी की बूंद से हवा से और ज्यादा पानी पैदा करना, ब्रैस्ट कैंसर मरीजों के लिए डिटेक्शन डिवाइस का निर्माण नॉन इनवेसिव ग्लूकोमिटर एवं स्मार्ट हेलमेट का निर्माण व सामाजिक रुचियों को देख कर किया है. जव्वाद पटेल की उम्र 25 वर्ष है. इलेक्ट्रोनिक एन्ड कम्युनिकेशन के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान हैं. उन्होंने अकोला में मुंगीलाल बाजोरिया विद्यालय में अपनी पढ़ाई की.

अब्दुल कलाम के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी

पटेल ने बताया कि डॉ.अब्दुल कलाम ने भारत के युवाओं के एवं सपूतों के लिए भारत को एक विकसित देश के रूप में डिवलेप करने के जो सपने देखे थे, उन्हें साकार करने की जिम्मेदारी अब हमारी है उन्हीं से प्रेरणा लेकर वहीं मेरी रुचि आम लोगों की जिंदगी के लिए कुछ करने की जगी. उनकी इच्छा सामाजिक बदलाव को लेकर है. शायद यही इनके जीवन का उद्देश्य भी है.