जिले में महारेशीम अभियान

वाशिम. रेशम की खेती के संदर्भ में किसानों को जानकारी देने हेतु प्रसार करने के लिए व तुती रोपण व रेशम लाभार्थियों के नाम पंजीयन करने के लिए जिले में 7 जनवरी से 21 जनवरी 2020 तक महारेशम अभियान चलाया

वाशिम. रेशम की खेती के संदर्भ में किसानों को जानकारी देने हेतु प्रसार करने के लिए व तुती रोपण व रेशम लाभार्थियों के नाम पंजीयन करने के लिए जिले में 7 जनवरी से 21 जनवरी 2020 तक महारेशम अभियान चलाया जा रहा है़ रेशम उद्योग कृषि व वन संपदा पर आधारित रोजगार की प्रंचड क्षमता रखने वाला उद्योग हैं. महाराष्ट्र का मौसम इस उद्योग के लिए पोषक रहने से रेशम उत्पादन करने के लिए बहुत संभावना है.

पंजीयन से किसानों का लाभ
ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को आर्थिक स्तर व जीवनमान उंचा करने के लिए इस उद्योग से मदद मिलती है़ किसानों को इस उद्योग के संदर्भ में पर्याप्त जानकारी नही होने से राज्य के किसानों का इस उद्योग की ओर झुकाव नही रहता है. इसकी व्यापक मात्रा में जनजागृति करना व तुती रोपण करने के लिए किसानों का पंजीयन करना इन उद्देश्य से राज्य में महारेशम अभियान चलाया जाता है़ जागरुकता के लिए डा. बाबासाहब आम्बेड़कर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था पूणे का सहयोग लिया जा रहा है़