Bus accident in Pakistan, 13 killed including 9 Chinese nationals, China called the accident an attack

    मनसेहरा: उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान (Pakistan) में चीनी और पाकिस्तानी निर्माण श्रमिकों (Chinese Workers) को ले जा रही एक बस (Bus) बुधवार को नहर में गिरने से नौ चीनी नागरिकों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उप जिला आयुक्त आरिफ जावेद ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहिस्तान जिले में हुई इस दुर्घटना में कम से कम 36 लोग घायल हो गए। घटना रात भर बारिश के बाद गीली सड़क पर हुई। पाकिस्तानी अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं।

    इस बीच, चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा कि बस पर हमला किया गया। चीनी इंजीनियर और निर्माण श्रमिक पाकिस्तान को कोहिस्तान में बांध बनाने में मदद कर रहे हैं। जावेद ने कहा कि दुर्घटना के समय पाकिस्तानी और चीनी निर्माण श्रमिक परियोजना स्थल की ओर जा रहे थे। कोहिस्तान में सहायक आयुक्त आसिम अब्बासी ने कहा कि अधिकारियों का मानना ​​है कि यह एक दुर्घटना थी। इस बात की जांच की जा रही है कि बस में किसी प्रकार का कोई धमाका तो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर में विस्फोट हो सकता है और यह संभव है कि वाहन में विस्फोटक सामग्री हो। निर्माण परियोजनाओं में इंजीनियरों द्वारा अक्सर विस्फोटकों का उपयोग किया जाता है।

    उन्होंने कहा, ”अभी हम यह नहीं मान रहे कि बस में विस्फोट हुआ था बल्कि बस के नाले में गिरने की यह एक दुर्घटना लगती है।” चीनी दूतावास ने एक बयान में इस घटना को ”हमला” बताया। बयान में कहा गया है, ”पाकिस्तान में हमारी एक परियोजना जुड़े हमारे कर्मचारियों पर हमला किया गया है। इसमें कई की मौत हुई और कई घायल भी हुए। हमने पाकिस्तान में चीनी नागरिकों को अधिसूचित किया है कि वे बिना जरूरत बाहर न निकलें और अपनी सुरक्षा का खयाल रखें।”

    बीजिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए बम हमले से स्तब्ध हैं और इसकी निंदा करते हैं। झाओ ने दैनिक समाचार ब्रीफिंग में कहा, ”हम हमले में चीनी और पाकिस्तानी कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त करते हैं और शोक संतप्त परिवारों व घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।”

    झाओ ने कहा, ”हमने पाकिस्तानी पक्ष से घटना की तह तक जाने, हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने, कड़ी सजा देने और पाकिस्तान में चीनी कर्मियों, संस्थानों और परियोजनाओं की सुरक्षा की ईमानदारी से रक्षा करने की मांग की है।”