Reuters
Reuters

    बीजिंग. अंतरराष्ट्रीय खगोल संघ (आईएयू) (International Astronomical Union) ने चांद पर आठ स्थानों के चीनी नाम रखने की अनुमति दे दी है। चीनी के अंतरिक्ष यान ‘चांग ई-5′ (Chang’e-5 probe) पिछले साल इन स्थानों पर उतर कर चांद की सतह से नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर वापस लौटा था। ‘चांग-ई-5′ अंतरिक्षा अभियान, किसी खगोलीय पिंड से नमूने एकत्रित करने की चीन की पहली पहल थी। अमेरिका द्वारा नमूने एकत्र करने के लिए चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के बाद 40 से अधिक वर्षों बाद चांद की सतह से नमूने लाने का यह पहला प्रयास था।

    आईएयू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ ग्रह प्रणाली के नाम रखने के लिए आईएयू के कार्यकारी समूह ने ‘चांग ई-5′ जहां उतरा था, उसके आसपास आठ स्थानों को चीनी नाम देने की अनुमति दी गई है। ये नाम हैं, मॉन्स हुआ, मॉन्स हेंग, पई शीउ, लईउ हुई, सॉन्ग यिंगशिंग, स्टेटिओ तिआनचुआन और शू गुआनकी हैं। अधिक जानकारी के लिए ग्रहों के नामकरण राजपत्र में एलएसी-23 मानचित्र देखें।” चीन 2010 से चंद्रमा पर भौगोलिक क्षेत्रों का नामकरण कर रहा है।

    आधिकारिक मीडिया के अनुसार, सितम्बर 2010 में चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने पृथ्वी के चंद्रमा पर स्थानों के लिए आधिकारिक चीनी नाम प्रकाशित किए थे, ताकि चांद पर देश की गतिविधियों को अंजाम देने में उसे मदद मिले। मंत्रालय ने 468 स्थानों के लिए चीनी नाम प्रकाशित किए थे। इसके बाद सरकारी समाचारपत्र ‘चाइना डेली’ ने फरवरी 2019 में अपनी एक खबर में चंद्रमा पर पांच और भौगोलिक संस्थाओं को चीनी नाम दिए जाने की जानकारी दी थी। ‘चांग ई-4′ मिशन के बाद इन नामों की घोषणा की गई थी।